बिलासपुर,05 सितम्बर (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ में खराब सड़कों की समस्या पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को कड़ी नाराज़गी जताई। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि, “सिर्फ कागजों में रिपोर्ट देकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता।”
शासन का जवाब
सुनवाई में शासन की ओर से बताया गया कि रतनपुर-सेंदरी रोड का काम लगभग पूरा हो चुका है। रायपुर रोड का 70% निर्माण पूरा हो गया है और इसे अगले 15 दिनों में समाप्त कर लिया जाएगा। वहीं, एनएचएआई ने भी जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे (NH-130/90) की बदहाली पर कोर्ट ने कहा कि क्या सिर्फ पैचिंग से सड़क दुरुस्त हो जाएगी? इसकी गारंटी कौन देगा कि दरारें दोबारा नहीं पड़ेंगी? कोर्ट ने नाराजगी जताई कि, अधिकारी केवल “स्टडी” कर रहे हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे।
अदालत ने कटाक्ष किया – “क्या स्टडी पूरी करने में दो-तीन जन्म लगेंगे? यह मॉडर्न इंडिया है, अब भी कॉपी-किताब और पेन चला रहे हैं।”
अगली सुनवाई 23 सितंबर को
राज्य सरकार ने कोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की। इस पर हाईकोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर फोटो सहित रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
एनएचएआई की सफाई
एनएचएआई की ओर से जानकारी दी गई कि तुर्काडीह, सेंदरी, रानीगांव, मलनाडीह और बेलतरा में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। लागत को 17.95 करोड़ से घटाकर 11.38 करोड़ कर दिया गया है। संयुक्त निरीक्षण हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
हालांकि, कोर्ट ने सवाल किया कि बिलासपुर की पेंड्रीडीह बाईपास से नेहरू चौक तक सड़क निर्माण और रायपुर एयरपोर्ट रोड का काम अप्रैल में स्वीकृत होने के बावजूद अब तक अधूरा क्यों है।



