अयोध्या। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आज भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है। भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ समारोह पूरी धार्मिक गरिमा और वैदिक विधि-विधान के साथ प्रारंभ हो गया है। हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तिथि पर आयोजित इस विशेष उत्सव में देशभर से संत, महात्मा, श्रद्धालु और विशिष्ट अतिथि शामिल हो रहे हैं।
राम मंदिर परिसर में सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई दे रही है। धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत गणपति पूजन और मंडल पूजन के साथ की गई। इसके बाद भगवान श्रीरामलला का विशेष अभिषेक किया गया और ‘प्रकाटोत्सव आरती’ संपन्न हुई। इन अनुष्ठानों को जगदगुरु मध्वाचार्य के मार्गदर्शन में 108 वैदिक विद्वानों द्वारा विधिवत रूप से कराया जा रहा है, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
इस पावन अवसर पर देश के प्रमुख राजनेता और आध्यात्मिक गुरु भी अयोध्या पहुंचे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आज सुबह लगभग 11 बजे अयोध्या पहुंचने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं रक्षा मंत्री का स्वागत करेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री रामलला के दर्शन करेंगे और मंदिर परिसर में स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग लेंगे।
प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में अयोध्या के लगभग 1200 पूज्य संतों को आमंत्रित किया गया है। संतों और भक्तों की भारी मौजूदगी के चलते अयोध्या में उत्सव का माहौल बना हुआ है। कार्यक्रम का समापन राम मंदिर के निकास द्वार ‘अंगद टीला’ पर किया जाएगा, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक जनसभा को संबोधित करेंगे।
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। सुग्रीव पथ के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। अयोध्या में आज का दिन आस्था, परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बनकर इतिहास में दर्ज हो रहा है।



