मुंबई,04अप्रैल 2025: ईपीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए एक अच्छी खबर है. सरकार जल्द ही EPFO की नई गाइडलाइन जारी कर सकती है. इसमें सरकार कुछ नए बदलाव करने जा रही है. ये सबसे बड़ा बदलाव वेज लिमिट को लेकर हो सकता है. अभी के समय में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत कर्मचारियों और नियोक्ताओं को बेसिक सैलरी में 12 प्रतिशत योगदान दिया जाता है. जिसमें वेज लिमिट 15 हजार रुपए तय है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार अब इस लिमिट को बदलने की तैयारी कर रही है.
EPF और EPS का फायदा मिलेगा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब सरकार इसे 21 हजार रुपए कर सकती है. इसके कारण कर्मचारियों को EPF और EPS का फायदा मिलेगा. EPFO की वेज लिमिट 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 21 हजार रुपए करने पर विचार कर रही है. अगर ये बदलाव लागू होता है, तो इसका असर लाखों कर्मचारियों और एम्प्लॉयर पर पड़ेगा.
EPF और EPS का क्या नियम है?
EPFO के मौजूदा नियमों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 15 हजार रुपए या उससे कम है उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) का फायदा मिलता है. कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों की सैलरी का 12 प्रतिशत ईपीएफ में जमा करना होता है. एम्लॉयर के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा EPS में चला जाता है, लेकिन ये अधिकतम 1,250 रुपए हो सकता है.
क्या बदल सकता है?
अगर सरकार सैलरी लिमिट 15 हजार रुपए से 21 हजार रुपए कर देती है तो इसमें क्या बदलाव होंगे. इससे EPS में ज्यादा पैसा आएगा अभी जहां EPS में एम्प्लॉयर को 1,250 रुपए देता है तो वहीं बढ़ी हुई लिमिट के बाद ये 1,749 रुपए हो जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि रिटायरमेंट के बाद आपको अधिक पेंशन मिलेगी.
आपकी सैलरी पर क्या कितना होगा असर?
आपकी सैलरी पर इसका क्या असर पड़ेगा चलिए आपको बताते हैं अगर पीएफ कटौती बढ़ सकती है तो आपकी नेट इन हैंड सैलरी थोड़ी कम हो सकती है. लेकिन आपको इसका फायदा रिटायरमेंट के समय मिलेगा. रिटायरमेंट के लिए बचत ज्यादा होगी.
कब से हो होगा ये बदलाव?
जानकारी के लिए बता दें, कि अभी तक EPFO या सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है. लेकिन सूत्रों की माने तो इस पर चर्चा हो रही है और यह संभावना है कि सरकार जल्द ही इसपर कोई फैसला ले सकती है. लंबे समय से लेबर यूनियन और पेंशनर्स की भी ये मांग थी कि वेज लिमिट को बढ़ाया जाए.