नई दिल्ली,30 जनवरी:सोने की कीमतों ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में नया रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन अब इसमें बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमतें एक ही दिन में करीब 5.7% टूटकर 5,104.6 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं। रिकॉर्ड हाई 5,595 डॉलर से सोना अब लगभग 8% नीचे फिसल चुका है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.5% गिरकर 5,334 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। वहीं फरवरी डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोने के वायदा भाव भी करीब 2% नीचे रहे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मुनाफावसूली और बाजार में बढ़ी अस्थिरता के कारण सोने पर दबाव बना है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है।
भारतीय बाजार में रिकॉर्ड के बाद नरमी
भारतीय बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,80,779 रुपये और अप्रैल डिलीवरी वाला कॉन्ट्रैक्ट 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
IBJA के अनुसार आज का सोने का भाव
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार सुबह तक सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली।
24 कैरेट सोना: 1,75,340 रुपये प्रति 10 ग्राम
23 कैरेट सोना: 1,74,638 रुपयेप्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना: 1,60,611 रुपयेप्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,31,505 रुपये प्रति 10 ग्राम
14 कैरेट सोना: 1,02,574 रुपये प्रति 10 ग्राम
शहरों में सोने के ताजा रेट
गुडरिटर्न के ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, गुरुग्राम और जयपुर जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 1,79,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। मुंबई, कोलकाता और पुणे में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,78,860 रुपये रहा। वहीं चेन्नई में सोना सबसे महंगा रहा, जहां 24 कैरेट का रेट 1,83,290 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
पिछले दिन का हाल
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने ने नया इतिहास रचा। 24 कैरेट सोना एक ही दिन में 12,000 रुपये चढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना पहली बार 5,600 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया था।
क्यों बढ़े और फिर गिरे सोने के दाम
सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग रही। हालांकि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली शुरू हुई, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई। आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और डॉलर की चाल से सोने के दाम तय होंगे।



