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किसानों को मिलेगी सुविधा और सुरक्षा, छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की धान पंजीयन 31 तक

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सुकमा,25अक्टूबर (वेदांत समाचार) । किसानों के हितों की सुरक्षा और खरीदी व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व में सुकमा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी धान उत्पादक किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल एवं भारत सरकार के एग्रीस्टेक पोर्टल दोनों पर पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था किसानों के लिए आधुनिक, पारदर्शी और सरल खरीदी प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

कुछ विशेष वर्गों को एग्रीस्टेक पंजीयन से छूट, लेकिन एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य :

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नवा रायपुर ने स्पष्ट किया है कि आगामी विपणन वर्ष में केवल पंजीकृत किसानों से ही धान उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को समय-सीमा के भीतर पंजीयन कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी किसान को कृषक पंजीयन में असुविधा न हो। विशेष परिस्थितियों में कुछ वर्गों जैसे संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान (अधीया, रेगा), डुबान क्षेत्र के किसान, वन अधिकार पट्टा धारक एवं ग्राम कोटवार -को एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन से अपवादस्वरूप मुक्त रखा गया है। लेकिन इन किसानों को केवल एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन करने पर भी धान खरीदी योजना का लाभ मिलेगा।

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सीएससी सेंटर और सहकारी समितियों में होगा कृषक पंजीयन :

किसानों की सुविधा के लिए शासन ने सीएससी सेंटर और नजदीकी कृषि सहकारी समिति स्तर पर ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी आसानी से पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर सकें। छत्तीसगढ़ शासन का यह कदम किसानों की जानकारी को एकीकृत डाटाबेस में सुरक्षित रखने, फर्जीवाड़े पर रोक लगाने, तथा समर्थन मूल्य पर खरीदी की पारदर्शी प्रणाली लागू करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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