फरीदाबाद में एसीपी राजेश लोहान की थार से प्रॉपर्टी डीलर मनोज मंगला की मौत के मामले में बड़ा कदम उठाया गया है। पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने एसीपी लोहान को कार्यमुक्त कर डीसीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
पहले एसीपी राजेश लोहान के पास सराय ख्वाजा, पल्ला और सेक्टर-31 थानों की जिम्मेदारी थी, जिसे अब एसीपी सेंट्रल राजीव कुमार को सौंप दिया गया है।
जांच में सामने आया कि हादसे के वक्त थार गाड़ी एसीपी के बेटे हिमांशु चला रहे थे। इसी आधार पर एसआइटी ने पहले लगी हत्या की धारा हटाकर अब गैर-इरादतन हत्या की धारा लगाई है। यह हादसा रविवार रात सेक्टर-12 टाउन पार्क के पास हुआ था, जिसमें थार से कुचलने पर प्रॉपर्टी डीलर मनोज की मौत हो गई थी।
इस मामले में हिमांशु, उसके दोस्त केशव चौधरी और निशांत को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेजा गया है। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को तय है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चार्जशीट अदालत में दाखिल की जाएगी। वहीं आरोपित पक्ष ने शुरुआती चरण में जमानत याचिका दाखिल न करने का फैसला लिया है, ताकि याचिका खारिज होने की आशंका से बचा जा सके।



