- आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की भावी दिशा पर मंथन
बिलासपुर, 17 जनवरी (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में पहली बार ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन 16 जनवरी 2026 को मुख्यालय बिलासपुर के ऑडिटोरियम में किया गया। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस शिविर में कंपनी की उपलब्धियों की समीक्षा, कमियों की पहचान और भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा हुई।
शिविर का नेतृत्व सीएमडी हरीश दुहन ने किया। उनके साथ निदेशक (तकनीकी-संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन और निदेशक (तकनीकी) रमेश चंद्र महापात्र मौजूद रहे। मुख्यालय और सभी संचालन क्षेत्रों से करीब 200 अधिकारियों ने शिविर में भाग लिया।

सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल को दोबारा देश की नंबर-1 कोल कंपनी बनाना लक्ष्य है। इसके लिए रिफॉर्म को नारे तक सीमित न रखते हुए कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने स्पीड, टेक्नोलॉजी और डिजिटल हस्तक्षेप के जरिए तेज निष्पादन, पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया, उत्पादन के साथ गुणवत्ता, बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस, कॉस्ट एफिशिएंसी और रेवेन्यू जनरेशन पर फोकस करने की आवश्यकता बताई।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कुल 14 प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें वर्ष 2047 की रणनीति, अंडरग्राउंड प्रोडक्शन, क्वालिटी कंट्रोल, डिस्पैच, सेफ्टी, भूमि अधिग्रहण व पुनर्स्थापन, पर्यावरण एवं वन स्वीकृति, डिजिटाइजेशन और एआई का उपयोग, मानव संसाधन, वित्त और कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल रहे। प्रत्येक सत्र के बाद प्रश्नोत्तर और खुले संवाद का आयोजन किया गया।
यह चिंतन शिविर एसईसीएल की एक नई और सहभागी पहल के रूप में सामने आया, जिसका उद्देश्य संगठन में नवाचार, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख सोच को मजबूत करना है। शिविर के जरिए युवा अधिकारियों को नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया से जोड़ते हुए कंपनी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया।



