रायपुर,23अगस्त (वेदांत समाचार)। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने, और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार ने सब्सिडी का प्रावधान तो किया है, लेकिन दो साल पुराने वाहन की सब्सिडी राशि अब तक जारी नहीं हो पाई है। जानकारी के मुताबिक अभी तक साढ़े 56 हजार से अधिक वाहनों की सवा सौ करोड़ से अधिक की सब्सिडी राशि बकाया है।
प्रदूषण नियंत्रण का बेहतर विकल्प ई व्हीकल
वाहनों से प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है, और इसके लिए सब्सिडी पालिसी लाई गई थी। सरकार वर्ष-2022 में यह पालिसी लेकर आई। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर दस फीसदी, अथवा अधिकतम डेढ़ लाख की सब्सिडी का प्रावधान रखा गया था। इसके बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। मगर सब्सिडी की राशि जारी नहीं हो पा रही है।
बताया जा रहा है कि सरकार ने मई-2025 से लग्जरी वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को समाप्त कर दिया है। वर्तमान में अधिकतम 10 लाख के वाहनों पर ही सब्सिडी मिल पाएगी। सब्सिडी की राशि भी घटाकर अधिकतम डेढ़ लाख से एक लाख रुपये कर दी है। इन सबके बावजूद इलेक्ट्रिक दो पहिया, तीन पहिया, और कार आदि की खरीदी में कोई कमी नहीं आई है। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सरकार उस अनुपात में सब्सिडी राशि जारी नहीं कर पा रही है।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 22 अगस्त 2025 तक 56 हजार 674 वाहनों की सब्सिडी राशि बकाया है। यह राशि 127 करोड़ 39 लाख रुपये है। सब्सिडी राशि जारी करने के लिए वित्त विभाग को लिखा भी गया है। मगर 2023 के बाद के वाहनों की राशि बकाया है। इससे पहले तक की राशि जारी हो चुकी है। कुल मिलाकर करीब 80 करोड़ सब्सिडी राशि ही जारी हो पाई है। विभागीय अफसरों का कहना है कि सब्सिडी यथा संभव जल्द से जल्द जारी करने के लिए चर्चा चल रही है। वाहनों की खरीद की रफ्तार बढ़ गई है। पिछली सब्सिडी राशि जारी होने में देरी के कारण भुगतान नहीं हो पाया है।



