Vedant Samachar

हाथी-मानव द्वंद कम करने जशपुर वन मंडल में ड्रोन तकनीक की पहल

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वन अमला एवं रैपिड रिस्पांस टीम को दिया गया चरणबद्ध ड्रोन प्रशिक्षण

जशपुरनगर ,02 फरवरी(वेदांत समाचार)। जशपुर वन मंडल क्षेत्र में हाथियों का निरंतर विचरण बना हुआ है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए हाथी प्रभावित वन परिक्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों की प्रभावी निगरानी तथा हाथीदृमानव द्वंद को न्यूनतम करने के उद्देश्य से वन अमला एवं रैपिड रिस्पांस टीम के सदस्यों को ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

वनमण्डलाधिकारी जशपुर वन मंडल शशि कुमार ने बताया कि ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम को चरणबद्ध रूप से विभिन्न उपवन मण्डलों में आयोजित किया गया। जिसमें संबंधित उपवनमण्डलों के समस्त वन परिक्षेत्रों के कर्मचारी एवं आरआरटी सदस्य सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के तहत पत्थलगांव उपवन मंडल के सभी वन परिक्षेत्रों हेतु 24 जनवरी 2026 को नारायणपुर में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसी प्रकार कुनकुरी उपवन मंडल के अंतर्गत समस्त वन परिक्षेत्रों के वन अमला एवं आरआरटी सदस्यों को 25 जनवरी 2026 को कुनकुरी में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया।

इसके बाद जशपुर उपवन मंडल के समस्त वन परिक्षेत्रों के लिए 27 जनवरी 2026 को मनोरा में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ड्रोन के माध्यम से हाथियों की लोकेशन ट्रैकिंग, उनके मूवमेंट की सतत निगरानी, रात्रिकालीन सर्वेक्षण, संवेदनशील ग्रामों के आसपास सतर्कता बरतने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई से संबंधित व्यवहारिक जानकारी दी गई। ड्रोन तकनीक के उपयोग से दुर्गम एवं घने वन क्षेत्रों में भी वास्तविक समय में सटीक सूचना प्राप्त करना संभव हो सकेगा। वन विभाग द्वारा की गई यह आधुनिक तकनीकी पहल हाथियों की गतिविधियों पर समय रहते निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगी। इससे हाथीदृमानव द्वंद को कम करने, जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वन्यजीव संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।

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