बिलासपुर, 14 दिसंबर (वेदांत समाचार)। सकरी थाना क्षेत्र के आसमा सिटी में रहने वाले सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त कर्मचारी से साइबर ठगों ने 6 लाख 30 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को टेलीकॉम विभाग का कर्मचारी और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और गंभीर अपराध में फंसाने की धमकी देकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली। शिकायत के बाद सकरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सकरी के आसमा सिटी निवासी दिवाकर मंडल (61) सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। 2 नवंबर की सुबह करीब आठ बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को टेलीकॉम कार्यालय का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर मुंबई में कनाडा के एक बैंक में खाता खोला गया है, जिसका उपयोग अवैध लेनदेन और आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है।
इसके बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति से कनेक्ट किया गया, जिसने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उसने कहा कि दिवाकर मंडल का नाम मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सामने आया है और उन्हें कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े केस में फंसाया गया है। बातों को विश्वसनीय बनाने के लिए ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए पीड़ित को उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड भी दिखाया। अपने दस्तावेज जालसाजों के पास देखकर पीड़ित घबरा गए और उनकी बातों पर भरोसा कर बैठे।
ठगों ने यह भी कहा कि पीड़ित के खिलाफ वारंट जारी हो चुका है और यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। डर का माहौल बनाते हुए आरोपियों ने कहा कि पीड़ित अपने बैंक खाते में मौजूद रकम एक विशेष खाते में ट्रांसफर कर दें, ताकि उस राशि को ट्रैक कर असली अपराधियों को पकड़ा जा सके और बाद में उनका नाम केस से हटा दिया जाएगा। साथ ही, इस पूरे मामले की जानकारी किसी को न देने की सख्त हिदायत भी दी गई।
ठगों के झांसे में आकर दिवाकर मंडल ने 6 नवंबर को आरटीजीएस के माध्यम से ठगों द्वारा बताए गए खाते में 6 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर करने के बाद जब उन्होंने संबंधित नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की तो सभी मोबाइल फोन बंद मिले। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ।
पीड़ित की शिकायत पर सकरी पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस साइबर ठगों की पहचान और रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है।



