भिलाई ,25 जनवरी (वेदांत समाचार)। भिलाई शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर निगम भिलाई और पुलिस प्रशासन ने सुपेला संडे मार्केट में रविवार सुबह से ही अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की। दरअसल, निगम भिलाई और पुलिस प्रशासन की टीम ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए हर रविवार सुबह सुपेला संडे मार्केट में अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है। पहली कार्रवाई 18 जनवरी की सुबह की गई थी, जिसमें करीब 150 दुकानों से अवैध कब्जे हटाए गए थे। कार्रवाई सुबह करीब 6 बजे शुरू की गई, जिसमें निगम का पूरा अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
विरोध की आशंका को देखते हुए सुपेला और वैशाली नगर थाने की पुलिस टीमों को तैनात किया गया था। इस दौरान भिलाई नगर सीएसपी भी मौके पर मौजूद थे। नगर निगम प्रशासन यह कार्रवाई पूरी प्लानिंग के साथ कर रही है। कार्रवाई से पहले ही सभी दुकानदारों को अपने अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा चुकी थी। दुकानदारों को कार्रवाई की जानकारी भी दे दी गई है। इससे पहले एक रविवार को भी सुपेला संडे मार्केट में बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद लोग अब भी सड़कों पर कब्जा करके दुकानें लगा रहे हैं।
नगर निगम की टीम रविवार को फिर सुबह 6 बजे जैसे मौके पर पहुंची, अवैध रूप से लगाए गए ठेले, दुकानें और अस्थायी निर्माण हटाने का काम शुरू कर दिया गया। पुलिस बल की मौजूदगी के चलते किसी भी दुकानदार ने विरोध करने की हिम्मत नहीं की। तय सीमा से बाहर दुकान लगाने वालों की सामग्री को जब्त कर बुलडोजर से गाड़ी में डाला गया।
लगातार आ रही थी शिकायतें, इसके बाद कार्रवाई
बताया जा रहा है कि सुपेला संडे मार्केट में बेतरतीब ढंग से दुकानें लगने के कारण हर रविवार को ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाती थी। सड़क पर अतिक्रमण की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
लोगों की लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम प्रशासन ने यह कदम उठाया। कुछ दिन पहले ही इस संबंध में कलेक्टर से भी शिकायत की गई थी, जिसके बाद निगम ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू की।
व्यापारी बोले- संडे मार्केट 10 साल पहले हट गया
इधर, निगम की इस कार्रवाई का सुपेला बाजार के व्यापारी विरोध भी कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सुपेला का संडे बाजार 10 साल पहले ही हट चुका है। संडे बाजार फुटपाथ पर लगता था, जिसे हटा दिया गया है। अब दुकानों के बाहर ही व्यापार होता है। यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है। जबकि शहर में कई ऐसे बाजार हैं, जहां पर गली में पैदल चलने की भी जगह नहीं है, लेकिन वहां पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।



