Vedant Samachar

रेडी टू ईट समूह चयन में गड़बड़ी पर कमिश्नर कोर्ट का फैसला, पात्र समूह को मिला न्याय

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कोरबा,20 जनवरी (वेदांत समाचार)। आकांक्षी जिला कोरबा में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण आहार 2.0 योजना के अंतर्गत रेडी टू ईट एवं फोर्टीफाइड आटा आपूर्ति के लिए महिला स्व सहायता समूहों के चयन में हुई अनियमितताओं के मामले में कमिश्नर न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कटघोरा परियोजना के लिए पात्र होने के बावजूद अपात्र घोषित किए गए संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव को न्यायालय से राहत मिली है, जबकि गलत तरीके से चयनित समूह को बाहर कर दिया गया है।

प्रकरण की शुरुआत उस समय हुई जब संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव ने 1 जनवरी 2026 को संभागायुक्त कार्यालय में ध्यानाकर्षण पत्र सौंपकर आरोप लगाया था कि पात्र होने के बावजूद उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया, जबकि जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह मुढ़ाली का चयन नियमों के विरुद्ध किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चयन प्रक्रिया में वित्तीय क्षमता के नाम पर गलत तरीके से अंक दिए गए हैं।

कमिश्नर न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंक स्टेटमेंट के अवलोकन में यह तथ्य सामने आया कि जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह के खाते में 19 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में तीन अलग-अलग लेन-देन के माध्यम से कुल 20 लाख रुपये जमा कराए गए थे। यह राशि चयन प्रक्रिया के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद जमा की गई थी और इसके स्रोत का कोई स्पष्ट विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया।

न्यायालय ने अपने अवलोकन में कहा कि खाते में एक साथ इतनी बड़ी राशि का जमा होना संदेहास्पद है और यह प्रतीत होता है कि यह राशि केवल चयन में 4 निर्णायक अंक प्राप्त करने के उद्देश्य से बाहरी स्रोतों से जमा कराई गई। इसे वास्तविक वित्तीय क्षमता नहीं माना जा सकता। इस आधार पर जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह को वित्तीय क्षमता मद में दिए गए 4 अंक निरस्त कर दिए गए।

अंकों की पुनर्गणना के बाद संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव के कुल अंक 81 पाए गए, जबकि जय दुर्गा महिला स्व सहायता समूह मुढ़ाली के अंक घटकर 79 रह गए। अधिक अंक होने के कारण संतोषी स्व सहायता समूह को रेडी टू ईट एवं फोर्टीफाइड आटा निर्माण एवं आपूर्ति कार्य के लिए उपयुक्त ठहराया गया।

कमिश्नर न्यायालय ने जिला पंचायत कोरबा (महिला एवं बाल विकास विभाग) द्वारा 28 मई 2025 को पारित चयन आदेश को स्थिर रखने योग्य नहीं माना और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संतोषी स्व सहायता समूह मलगांव को परियोजना स्तर पर कार्य सौंपने के लिए पृथक से नियुक्ति आदेश जारी किया जाए।

इस फैसले के बाद एक बार फिर कोरबा जिले में रेडी टू ईट समूह चयन की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी चोटिया परियोजना में अपात्र समूह का चयन निरस्त किया जा चुका है, जहां प्रशासनिक कारण बताकर मामले को समाप्त कर दिया गया था। जानकारों का कहना है कि चयन प्रक्रिया इस तरह तैयार की गई कि भविष्य में अनियमितता उजागर होने पर जिम्मेदारी अधिकारियों तक न पहुंचे और सारा दोष महिला स्व सहायता समूहों पर ही आए।

प्रकरण को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों से जांच की मांग उठने लगी है, ताकि पर्दे के पीछे की भूमिका निभाने वाले वास्तविक जिम्मेदारों को सामने लाया जा सके और शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का संचालन पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से हो सके।

इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा बसंत मिंज ने कहा कि कमिश्नर न्यायालय द्वारा कटघोरा परियोजना के संबंध में दिए गए आदेशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा।

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