रायपुर, 31 दिसंबर(वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए अंकिता शर्मा का नाम अब केवल एक अधिकारी का नहीं रहा। यह नाम आज सख्त भावना, न्यायशील रवैया और अपराधियों में डर पैदा करने वाली कार्यशैली का प्रतीक बन चुका है। जनता और पुलिस विभाग दोनों में इन्हें प्यार से ‘लेडी सिंघम’ कहा जाता है।
अंकिता शर्मा ने अपनी MBA की पढ़ाई छोड़कर UPSC की कठिन परीक्षा चुनी और 203वीं रैंक हासिल कर IPS में प्रवेश किया। उनकी यात्रा संघर्ष, समर्पण और अनुशासन की मिसाल है, जिसने उन्हें समाज और कानून व्यवस्था के प्रति समर्पित किया।
सख्त और प्रभावी पुलिसिंग से बदला माहौल
उनकी नेतृत्व क्षमता ने नक्सल प्रभावित इलाकों में भी बड़ी भूमिका निभाई है जहाँ उनके खौफ के चर्चे नक्सलियों के बीच तक पहुंचे हैं। उनकी बेबाक और प्रभावी कार्यशैली ने आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा और अपराधियों में डर पैदा किया है।
अंकिता का कार्य केवल कठोर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा — उन्होंने युवाओं के बीच कानून का सम्मान और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रमों में भाग लिया है, जिससे जनता का पुलिस पर भरोसा और बढ़ा है।

हालिया पोस्टिंग: राजनांदगांव की नई SP
राज्य सरकार के हालिया प्रशासनिक फेरबदल में अंकिता शर्मा को राजनांदगांव का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है, जहाँ सुरक्षा चुनौतियाँ और सामाजिक अपेक्षाएँ दोनों ही उच्च हैं। उनका अनुभव और दृढ़ निश्चय इस चुनौतीपूर्ण जिले में कानून व्यवस्था को और मज़बूत करने में मदद करेगा।
उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की और स्थानीय सुरक्षा स्थितियों को समझने का समय लिया, जिससे जिले की पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जा सके।
लोकप्रियता और प्रेरणा का स्त्रोत
सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच भी अंकिता शर्मा का व्यक्तित्व चर्चा का विषय बना हुआ है — जहाँ उनके अनुशासन, नेतृत्व और जाबांज़ अंदाज़ को सराहा जा रहा है, और उन्हें महिलाओं के लिए प्रेरणादायक रोल मॉडल के रूप में देखा जाता है।



