मुंगेली, 11 जनवरी (वेदांत समाचार)। जिले के थाना लालपुर क्षेत्र के ग्राम बांधा में जमीन विवाद को लेकर हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में मुंगेली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के भीतर 6 आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बांधा निवासी सुखदेव कश्यप ने थाना लालपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता रामकुमार कश्यप के नाम पर 6.70 एकड़ पैतृक भूमि है, जिस पर वे पिछले करीब 30 वर्षों से खेती करते आ रहे थे। इसी जमीन को लेकर चचेरे भाई के पुत्र अयोध्या कश्यप द्वारा लगातार हिस्सेदारी की मांग की जा रही थी। मामले को लेकर वर्ष 2019 में सिविल न्यायालय लोरमी में वाद दायर किया गया था, जिसमें 30 दिसंबर 2025 को न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को 3.35-3.35 एकड़ भूमि का अधिकार दिए जाने का फैसला सुनाया गया, लेकिन कब्जा आदेश जारी नहीं हुआ था।
इसी बीच 9 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजे सुखदेव कश्यप अपनी पत्नी के साथ खेत गया, जहां उसने देखा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर कुछ लोग खेत की मेड़ में लगी अरहर की फसल को काट रहे हैं। विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। कुछ देर बाद जब मृतक रामकुमार कश्यप मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने एक राय होकर उन्हें लाठी-डंडा और तब्बल से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में रामकुमार कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया शव के ऊपर चढ़ाकर फरार हो गए। घटना के बाद गांव में ही लक्ष्मीनारायण कश्यप पर भी जानलेवा हमला किया गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 03/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में जांच तेज की गई। घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र किए गए।
मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने आरोपी रामफल कश्यप, धनराज कश्यप, राजू कश्यप, डोमन निषाद, नंदकुमार कश्यप और सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया, साथ ही एक विधि से संघर्षरत बालक को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने जमीन विवाद के चलते हत्या और जानलेवा हमले की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी-डंडे भी जब्त किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में एक अन्य संदेही कुंज बिहारी की भूमिका की जांच सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से की जा रही है, जबकि शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, थाना प्रभारी लालपुर अमित गुप्ता सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



