जशपुर, 12 सितम्बर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में जनसंपर्क विभाग और पत्रकारों के बीच विवाद गहरा गया है। सहायक संचालक जनसंपर्क सुश्री नूतन सिदार द्वारा पत्रकारों को करोड़ों की मानहानि का नोटिस भेजने और आत्महत्या के केस में फंसाने की धमकी के बाद संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर ने कड़ा विरोध जताया है। इसे लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला और अन्याय बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।
क्या है पूरा मामला?
जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक नूतन सिदार ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी की शिकायत के आधार पर पत्रकारों को एक-एक करोड़ रुपये के मानहानि का नोटिस भेजा। इसके अलावा पत्रकारों को आत्महत्या के केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। संयुक्त पत्रकार संघ जशपुर ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
पत्रकारों ने 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं:
- सहायक संचालक नूतन सिदार के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें बर्खास्त किया जाए।
- जनसंपर्क आयुक्त इस शर्मनाक घटना के लिए सार्वजनिक माफीनामा मांगे।
- संवाद प्रमुख रवि मित्तल सार्वजनिक रूप से माफीनामा दें।
- प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कराई जाए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
- सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर के पत्रकार उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन पर बड़ी संख्या में स्थानीय पत्रकारों, वरिष्ठ पत्रकारों, संगठनों के प्रतिनिधियों और युवा पत्रकारों के हस्ताक्षर हैं। इससे साफ है कि इस मुद्दे ने पूरे पत्रकार समुदाय को एकजुट कर दिया है और सभी पत्रकार इस मामले को अपनी प्रतिष्ठा और अस्तित्व की लड़ाई मान रहे हैं।


जनसंपर्क विभाग का मुख्य काम सरकार की नीतियों और योजनाओं के बारे में जनता को सूचित करना और मीडिया से संवाद स्थापित करना है। लेकिन इस मामले में विभाग पर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लग रहा है।



