कोरिया,04 अप्रैल 2025/ जिले में पहली बार कंगारू मदर केयर (केएमसी) तकनीक पर स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया।
कंगारू मदर केयर तकनीक नवजात शिशुओं के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक तकनीक है, जिसमें शिशु को माँ की छाती से त्वचा से त्वचा संपर्क में रखा जाता है। यह तकनीक विशेष रूप से समय से पहले पैदा हुए या कम वजन वाले बच्चों के लिए अत्यंत फायदेमंद साबित होती है। यह शिशु को सुरक्षा, गर्मी और स्तनपान में सहायता प्रदान करता है, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होता है।
कोरिया जिले के कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, कंगारू मदर केयर तकनीक नवजात शिशुओं के जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने में सहायक होगी। इस तकनीक को सही तरीके से लागू करने के लिए जिले के स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे नवजातों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में जिले के पटना -बैकुण्ठपुर और सोनहत के स्वास्थ्य कर्मियों, बीपीएम, बीटीईओ, सुपरवाइजर, सीएचओ और आरएचओ मेल-फीमेल को प्रशिक्षण में शामिल किया गया। रायपुर से आए विशेषज्ञ डॉ. अक्षय शक्ति तिवारी ने कंगारू मदर केयर पर विस्तृत जानकारी दी और इसके फायदे बताए।
इस पहल से कम वजन वाले शिशुओं (एलबीडब्ल्यू) के स्वास्थ्य में सुधार होगा और माँ-बच्चे के स्वास्थ्य स्तर में भी वृद्धि होगी। यह तकनीक हर वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाएगी, विशेष रूप से ऐसे परिवारों को जिनके पास स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच है। कंगारू मदर केयर ना सिर्फ शिशु के स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि माँ और शिशु के बीच रिश्ते को भी मजबूत करता है।