Vedant Samachar

CG उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को 1 करोड़ से अधिक हर्जाना देने का आदेश

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बिलासपुर, 21 जनवरी (वेदांत समाचार)। बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाते हुए मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को उपभोक्ता को एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि अदा करने का आदेश दिया है। यह मामला कोविड-19 से हुई मौत के बाद बीमा दावा खारिज किए जाने से जुड़ा था, जिसे आयोग ने सेवा में कमी मानते हुए बीमा कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।

आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को निर्देश दिए हैं कि वह बीमाधारक को 1 करोड़ रुपए की बीमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे। इसके अलावा मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में 2 लाख रुपए अलग से देने का भी आदेश जारी किया गया है। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल तथा सदस्य पूर्णिमा सिंह और आलोक कुमार पाण्डेय की पीठ में हुई, जहां सभी तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर यह निर्णय लिया गया।

प्रकरण के अनुसार बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक ने अपनी पत्नी शैल कौशिक के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से प्लैटिनम वेल्थ प्लान लिया था। बीमा पॉलिसी जारी करने से पूर्व कंपनी द्वारा सभी आवश्यक मेडिकल जांच करवाई गई थीं, जिनमें बीमित महिला को पूर्णतः स्वस्थ बताया गया था। इसके बाद सितंबर 2020 में शैल कौशिक कोविड-19 से संक्रमित पाई गईं और इलाज के दौरान 11 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हो गया।

पत्नी के निधन के पश्चात पति कौशल प्रसाद कौशिक ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि बीमित को पहले से गंभीर बीमारी थी। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी की इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब बीमा से पहले की मेडिकल जांच में महिला को स्वस्थ पाया गया था, तो बाद में बीमारी का हवाला देकर दावा खारिज करना अनुचित और सेवा में कमी की श्रेणी में आता है।

आयोग ने अपने फैसले में यह भी कहा कि बीमा कंपनियों को उपभोक्ताओं के साथ पारदर्शिता और ईमानदारी बरतनी चाहिए। इस निर्णय से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, बल्कि यह फैसला भविष्य में बीमा दावों से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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