रायपुर,30 मार्च 2025 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ राज्य की 55 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सरकारी मोबाइल नंबर का डेटा हैक हो गया है, जिसमें 26 लाख हितग्राहियों की जानकारी शामिल है। यह डेटा ठग गैंग के पास पहुंच गया है, जिससे इन लाखों महिलाओं को ठगे जाने का संकट मंडरा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल एप में हितग्राही महिला के साथ पति, सास-ससुर और बच्चों के नाम दर्ज हैं। उनका आधार और बैंक खाते का नंबर भी एप में रहता है। डेटा लीक होने से ठगों को हर हितग्राही की जानकारी मिल गई है।
महिलाओं को पहले बच्चे की डिलीवरी के बाद आंगनबाड़ी के माध्यम से 5000 और दूसरा बच्चा बेटी होने पर 6000 रुपए मिलते हैं। इसके अलावा रेडी टू ईट के तहत पोषाहार का लाभ दिया जाता है। बस इन्हीं स्कीम का नाम लेकर ही महिलाओं को ठगा जा रहा है।
जालसाज किसी से महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी बनकर तो किसी को स्वास्थ्य विभाग के अफसर बनकर कॉल करते हैं। अनुमान के मुताबिक ठग पिछले करीब 2 साल के अंदर 10 जिलों में 300 की औसत से लगभग 3 हजार महिलाओं को ठग चुके हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल एप का सिक्योरिटी ऑडिट कराया जा रहा है या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल एप की मॉनिटरिंग करने वाले राज्य के nic विंग को भी नहीं मालूम की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल ऐप का सिक्योरिटी ऑडिट हुआ है या नहीं।
पुलिस ने बताया कि डेटा जुटाया जा रहा है। कहां, कितनी शिकायतें हुई हैं। जांच करेंगे डेटा कैसे लीक हुआ है।