कोरबा,05 जनवरी (वेदांत समाचार)। जिले में सड़क सुरक्षा माह के तहत यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क हादसों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। रविवार को जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद आक्रोशित लोगों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।
पहली घटना कटघोरा–बिलासपुर नेशनल हाईवे पर बगदेवा के पास रविवार शाम करीब 4.30 बजे हुई। यहां तेज रफ्तार ट्रेलर के चालक ने सड़क पार कर रही करतली निवासी नीलम दास मानिकपुरी (55 वर्ष) को कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे हाईवे पर दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस बल और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उचित मुआवजे के आश्वासन के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कराया गया।
दूसरी घटना रविवार की देर शाम करीब 7.30 बजे दर्री मुख्य मार्ग पर हुई। दर्री बाजार से सब्जी लेकर मोपेड से कोहड़िया लौट रही मां-बेटी को तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

जिले की सड़कों पर होने वाले अधिकांश हादसों का प्रमुख कारण वाहनों की तेज रफ्तार बताई जा रही है। इस पर नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग द्वारा इंटरसेप्टर वाहन तैनात किए गए हैं, जिनकी मदद से वाहनों की गति मापकर चालानी कार्रवाई की जा रही है। पिछले वर्ष ऐसे 3000 से अधिक वाहनों से 30 लाख 54 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले 374 लोगों में से करीब 250 लोगों, यानी लगभग 70 प्रतिशत की मौत का कारण ओवरस्पीड रहा। औद्योगिक जिला होने के कारण जिले की सड़कों पर कोयला, एल्युमिनियम, राखड़ समेत अन्य सामग्री ढोने वाले भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। वर्ष 2025 में जिले में कुल 885 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 770 लोग घायल हुए और 374 लोगों की मौत हो गई। औसतन जिले में हर दिन एक व्यक्ति की जान सड़क हादसे में जा रही है।



