नई दिल्ली: भारत में बढ़ते हेल्थकेयर खर्च और महंगे इलाज के बीच सरकार की फ्लैगशिप स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) गरीब और कमजोर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई है। अब इस योजना में एक अहम बदलाव हुआ है, जिससे कई परिवारों को कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज मिल सकेगा।
आयुष्मान भारत क्या है?
आयुष्मान भारत-PMJAY केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर और महंगे इलाजों से वित्तीय सुरक्षा देना है। इस योजना के तहत परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस हेल्थ कवरेज मिलता है, जो देशभर के हजारों पैनल्ड अस्पतालों में लागू होता है। इसमें सभी गंभीर, सेकेंडरी और टर्शियरी स्तर की बीमारियों के इलाज शामिल हैं, साथ ही सभी प्री-एग्ज़िस्टिंग बीमारियों को भी शुरुआत से कवर किया जाता है।
किसे मिलता है कवरेज?
PM-JAY योजना के तहत पूरे परिवार को लाभ मिलता है। इसमें पति-पत्नी, बच्चे (नवजात समेत), माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन, ससुराल पक्ष और परिवार के साथ रहने वाले अन्य आश्रित सदस्य शामिल हैं। इस योजना में आयु, लिंग या परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए नया टॉप-अप
सरकार ने पिछले वर्ष योजना में एक बड़ा बदलाव किया है। अब 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के प्रत्येक सदस्य को अतिरिक्त 5 लाख रुपये का हेल्थ कवरेज मिलेगा। इसका मतलब है कि यदि परिवार पहले से ही PM-JAY के तहत कवर है और उसमें कोई सदस्य 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र का है, तो परिवार का कुल हेल्थ कवरेज 10 लाख रुपये तक बढ़ जाएगा।
70+ टॉप-अप की शर्त
इस टॉप-अप का लाभ पाने के लिए सिर्फ सदस्य की उम्र 70 वर्ष या उससे अधिक होना आवश्यक है। उम्र का प्रमाण आधार कार्ड से लिया जाएगा और पात्र व्यक्ति को केवल अपना Aadhaar eKYC दोबारा करवाना होगा।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले अन्य लाभ
70+ उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को योजना के तहत कई अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं: कोई आयु सीमा नहीं, यानी 80+ उम्र में भी लाभ जारी.फ्री एनुअल हेल्थ चेक-अप,सेकेंडरी से एडवांस टर्शियरी उपचार तक कवरेज,सर्जरी, स्पेशलिस्ट इलाज, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सेवाएं भी शामिल,इस अपग्रेड के साथ, PM-JAY योजना अब परिवारों के लिए और भी मजबूत सुरक्षा कवच बन गई है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए, जो महंगे इलाज की चुनौती का सामना कर रहे हैं।



