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  • मुख्यमंत्री श्री साय को जशपुर की बहनों ने बांधी राखी..रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री साय को जशपुर की बहनों ने बांधी राखी..रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर 09 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया स्थित कैंप कार्यालय में रक्षाबंधन के अवसर पर विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित बहनों ने राखी बांधकर आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना की हितग्राही दीदियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएँ, मितानिन और स्व-सहायता समूह की बहनों ने भी मुख्यमंत्री श्री साय की कलाई पर राखी बांधी और उनके दीर्घायु की कामना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते, स्नेह और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और मोदी जी की गारंटी का अर्थ है—वादा पूरा होने की गारंटी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी एवं उद्यानिकी कॉलेज, 200 बिस्तरों का अस्पताल और बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए हर्राडांड (कुनकुरी) में प्रदेश का पाँचवाँ पावर प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जशपुर के विकास में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।

    इस अवसर पर उपेंद्र यादव, सुनील गुप्ता, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, स्व-सहायता समूह की दीदियाँ और हितग्राही महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

  • Women Journalists Tie Rakhi to CM Vishnu Deo Sai; Wish Him Unwavering Commitment and Progress on the Path of Public Service

    Women Journalists Tie Rakhi to CM Vishnu Deo Sai; Wish Him Unwavering Commitment and Progress on the Path of Public Service

    Raipur, August 9, 2025/ Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai extended heartfelt greetings to all sisters in the state on the auspicious occasion of Raksha Bandhan. He said that Raksha Bandhan is a symbol of love, trust, and the unbreakable bond between brothers and sisters. The festival reminds us of the sanctity of relationships and the pledge of mutual respect and protection.

    On this occasion, women journalists present at the Police Lines helipad tied rakhi on CM Sai’s wrist and wished him a long life. Chief Minister Sai expressed gratitude to all women journalists for their affection, blessings, and trust, and extended Raksha Bandhan greetings to them.

    Wishing all sisters a happy, healthy, and prosperous life, CM Sai said that this sacred bond would give him the strength to perform his duties with even greater sincerity and dedication.

    https://twitter.com/vishnudsai/status/1954133633305846153
  • पत्रकार बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी : जनसेवा के मार्ग पर अटूट संकल्प और प्रगति की दी शुभकामनाएं

    पत्रकार बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी राखी : जनसेवा के मार्ग पर अटूट संकल्प और प्रगति की दी शुभकामनाएं

    रायपुर, 09 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेश की सभी बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और अटूट संबंध का प्रतीक है। यह पर्व हमें रिश्तों की पवित्रता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान एवं सुरक्षा के संकल्प की याद दिलाता है।

    इस अवसर पर पुलिस लाइन हेलीपैड में उपस्थित पत्रकारिता जगत से जुड़ी बहनों ने मुख्यमंत्री श्री साय की कलाई पर राखी बाँधकर उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी पत्रकार बहनों के स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूँ तो रायपुर की पत्रकार बहनों से अक्सर मुलाक़ात होती है। विभिन्न विषयों पर चर्चा-परिचर्चा और सवाल-जवाब भी होते हैं। पर आज का दिन कुछ ख़ास था। आज इन बहनों ने अपने इस भाई की कलाई पर राखी का पवित्र धागा बाँध अपना विशेष स्नेह दिया। इस प्रेम और विश्वास का मैं आभारी हूँ।यह बंधन मुझे हर दिन अपनी जिम्मेदारियों को और निष्ठा से निभाने की शक्ति देगा।

    https://twitter.com/vishnudsai/status/1954133633305846153

    मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी बहनों के सुखमय, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि यह पवित्र बंधन उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाने की शक्ति प्रदान करेगा।

  • कोरबा के शौर्य वस्त्रकार ने राष्ट्रीय तबला कौशल महोत्सव में जीता प्रथम स्थान

    कोरबा के शौर्य वस्त्रकार ने राष्ट्रीय तबला कौशल महोत्सव में जीता प्रथम स्थान

    कोरबा,09 अगस्त (वेदांत समाचार)। कृष्णा पब्लिक स्कूल, कमल विहार रायपुर और कृष्णा ललित कला महाविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के तबला कौशल महोत्सव में कोरबा जिले के पोड़ीबहार निवासी शौर्य वस्त्रकार ने प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उनकी असाधारण प्रतिभा और उनके गुरु के मार्गदर्शन का परिणाम है।

    शौर्य ने अपने गुरु मोरध्वज वैष्णव और नवीन महंत के निर्देशन में तबला वादन में अद्वितीय प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अपने गुरु के मार्गदर्शन का परिणाम है कि उन्होंने भव्य राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति देकर अपने गुरु और माता-पिता का गौरव बढ़ाया है।

    शौर्य ने अपनी जीत का श्रेय अपने गुरु मोरध्वज वैष्णव को दिया है। उन्होंने कहा कि उनके गुरु के मार्गदर्शन और समर्थन ने उन्हें इस उपलब्धि को हासिल करने में मदद की। शौर्य के पिता अनिल कुमार वस्त्रकार बाल्को में कार्यरत हैं और उनकी माता शासकीय स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।

    शौर्य की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गर्व से भर दिया है, बल्कि पूरे कोरबा जिले को भी गौरवान्वित किया है। यह उनकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। हमें उम्मीद है कि शौर्य आगे भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहेंगे और नए आयाम स्थापित करेंगे।

  • एसईसीएल में 49वीं त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

    एसईसीएल में 49वीं त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

    कोरबा,09 अगस्त (वेदांत समाचार)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) बिलासपुर में 08 अगस्त 2025 को खान सुरक्षा महानिदेशालय, पश्चिमी अंचल नागपुर एवं उसके रायगढ़ क्षेत्र, बिलासपुर क्षेत्र-1 एवं क्षेत्र-2, तथा उत्तरी अंचल गाजियाबाद एवं उसके जबलपुर क्षेत्र के तत्वावधान में 49वीं त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन की अध्यक्षता में किया गया।

    बैठक में एसईसीएल शीर्ष प्रबंधन से निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (एचआर) बिरंची दास और निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय महाप्रबंधक, एवं एरिया सेफ्टी ऑफिसर उपस्थित रहे। खान सुरक्षा महानिदेशालय से उप महानिदेशक, पश्चिमी अंचल, नागपुर रामावतार मीना, उप महानिदेशक, उत्तरी अंचल, गाजियाबाद नीरज कुमार, निदेशक खान सुरक्षा, रायगढ़ क्षेत्र बी. बी. सटीयार, निदेशक खनन, पश्चिमी अंचल, नागपुर आफताब अहमद, निदेशक खान सुरक्षा, बिलासपुर क्षेत्र–I एम. के. सिन्हा, निदेशक खान सुरक्षा, बिलासपुर क्षेत्र–II आर. के. सिंह, निदेशक विद्युत, पश्चिमी अंचल, नागपुर टी. श्रीनिवास, निदेशक विद्युत, पश्चिमी अंचल, नागपुर आनंद अग्रवाल, निदेशक विद्युत, उत्तरी अंचल, गाजियाबाद बी. बेहेरा, निदेशक यांत्रिकी, पश्चिमी अंचल, नागपुर पंकज जैन, निदेशक यांत्रिकी, पश्चिमी अंचल, नागपुर रूपेश कुमार श्रीवास्तव, निदेशक खान सुरक्षा, रायगढ़ क्षेत्र एस. चिर्रा, निदेशक खान सुरक्षा, जबलपुर क्षेत्र शेख गुलाब (वीसी द्वारा), उप-निदेशक विद्युत, पश्चिमी अंचल, नागपुर गौरव लढहा, उप-निदेशक यांत्रिकी, पश्चिमी अंचल, नागपुर विजय एच. पाटील तथा उप-निदेशक यांत्रिकी, उत्तरी अंचल, गाजियाबाद उमेश कुमार साहू शामिल हुए। श्रम संघों से आनंद मिश्रा (एचएमएस), संजय सिंह (बीएमएस), बी. धर्मा राव (एटक), कमलेश शर्मा (एसईकेएमसी), इंद्रदेव चौहान (सीटू) और जी. एस. प्रसाद (सीएमओएआई) ने प्रतिनिधित्व किया। विशेष रूप से, इस बार पहली बार ठेकेदार वर्कर्स के प्रतिनिधियों को भी बैठक में शामिल किया गया ताकि उन्हें भी खदान में सुरक्षा उपायों के बेहतर अनुपालन के प्रति जागरूक किया जा सके।

  • कोरबा में SECL के रिटायर्ड कर्मचारी पर 5 लाख 88 हजार रुपए का बिजली चोरी करने पर जुर्माना लगाया गया

    कोरबा में SECL के रिटायर्ड कर्मचारी पर 5 लाख 88 हजार रुपए का बिजली चोरी करने पर जुर्माना लगाया गया

    कोरबा,09 अगस्त (वेदांत समाचार)। कोरबा में SECL के रिटायर्ड कर्मचारी संतोष राठौर पर बिजली चोरी करने पर जुर्माना लगाया गया है। विशेष न्यायालय ने उन पर 5 लाख 88 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। यह पूरा मामला 2022 का है। जानकारी के मुताबिक, विद्युत वितरण विभाग की सतर्कता टीम ने बेलटिकरी बसाहट दीपका निवासी संतोष राठौर के खिलाफ कार्रवाई की थी। जांच में पाया गया कि राठौर मकान निर्माण के दौरान और उसके बाद भी सीधे विद्युत पोल से बिजली का अवैध इस्तेमाल कर रहे थे।

    पेनाल्टी जमा के बाद भी जारी था अवैध गतिविधि

    अधिवक्ता राजेश कुमार कुर्रे के अनुसार, संतोष राठौर ने पहले ही करीब साढ़े 4 लाख रुपए पेनाल्टी जमा की थी। इसके बावजूद वे अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल करते रहे। मामले की सुनवाई 3 साल तक विशेष न्यायालय में चलती रही।

    समय सीमा पर पैसे नहीं जमा करने पर होगी कार्रवाई

    कोर्ट ने दोषसिद्ध होने पर रिटायर्ड कर्मचारी को 5 लाख 88 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। यह राशि निर्धारित अवधि में जमा करनी होगी। अगर वे समय पर अर्थदंड जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। विद्युत वितरण विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिजली चोरी न करें और नियमानुसार मीटर लगवाकर कनेक्शन लें। विभाग की टीम आगे भी ऐसे मामलों पर नजर रखेगी और कड़ी कार्रवाई करेगी।

  • KORBA :मां के चरित्र पर उंगली उठाई तो नाराज पुत्र ने कर दी पिता की हत्या

    KORBA :मां के चरित्र पर उंगली उठाई तो नाराज पुत्र ने कर दी पिता की हत्या

    कोरबा,09 अगस्त (वेदांत समाचार)। कोरबा जिले में लंबे समय से घर में चल रही कलह को देख पुत्र का खून खौल उठा। उसने आव देख न ताव और $फावड़ा से हमला कर पिता की जान ले ली। पुलिस ने विधि से संघर्षरत किशोर को अभीरक्षा में लिया है । उसे किशोर न्याय बोर्ड में पेश करने के बाद सुधार ग्रह भेजा जाएगा। करतला के प्रधान पारा में यह घटना शुक्रवार को 11 बजे के आसपास हुई। इस घटना में 40 वर्षीय धनीराम यादव की मौत हो गई। मृतक अपने परिजनों के साथ यहां निवासरत था। खबर के अनुसार पिछले कुछ दिनों से उसका रवैया अपनी पत्नी को लेकर ठीक नहीं था और यह बात परिवार के अन्य लोगों को नागवार लग रही थी।

    करतला थाना प्रभारी केके वर्मा ने बताया कि मृतक धनीराम यादव के द्वारा अपनी पत्नी के चरित्र को लेकर टिप्पणी की जा रही थी। दूसरे से अफेयर होने की बात में घर में करता था जिससे कलह के हालात न केवल बने बल्कि समय के साथ और मजबूत होते गए। बताया गया कि शुक्रवार को इसी बात को लेकर विवाद पैदा हुआ। भोजन तैयार हुआ तो धनीराम ने उसे आवेश में आकर फेंक दिया। इतना ही नहीं उसके द्वारा $फावड़ा लेकर अपने 16 वर्षीय पुत्र को करने के लिए दौड़ा। इसी बात को लेकर विवाद और बढ़ गया। पहले से ही माँ के चरित्र को लेकर पिता के द्वारा लगाए जा रहे लांछन से वह क्षुब्ध था। शुक्रवार की घटना ने उसे और ज्यादा नाराज कर दिया।

    पिता की हरकत की प्रतिक्रिया में पुत्र ने उससे फावड़ा छीना और उसी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस घटना में धनीराम की मौके पर ही मौत हो गई। लगभग 4 घंटे बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी हुई, तब पुलिस के पास सूचना पहुंची। इसके बाद मौके पर पहुंच संज्ञान लिया गया। इस प्रकरण में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा के अंतर्गत मर्ग और हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी वर्मा ने बताया कि विधि से संघर्षरत किशोर को कस्टडी में लेने के साथ अगली कार्रवाई की जा रही है।

  • KORBA:बीती रात GPM जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र से अचानक धमके दो दंतैल हाथियों ने रेज के बरदापखना गांव में भारी कहर ढाया

    KORBA:बीती रात GPM जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र से अचानक धमके दो दंतैल हाथियों ने रेज के बरदापखना गांव में भारी कहर ढाया


    कोरबा,09 अगस्त (वेदांत समाचार)। जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान रेंज में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। जहां बीती रात जीपीएम जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र से अचानक धमके दो दंतैल हाथियों ने रेज के बरदापखना गांव में भारी कहर ढाया। इस दौरान दंतैल हाथियों ने गजराज सिंह एवं सिकंदर नामक दो ग्रामीणों के घरों को ढहा दिया, वहीं एक अन्य की बाड़ी में प्रवेश कर वहां लगे मक्का तथा केले के पौधों को तहस-नहस कर दिया, जिससे संबंधितों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

    हाथियों के डर से ग्रामीण रतजगा करते रहे। सुबह होने पर वन विभाग को सूचित किया, जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रात में हाथियों द्वारा किए गए नुकसानी के आंकलन में जुट गए हैं। वन अधिकारियों के मुताबिक आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इससे पहले भी इन दंतैल हाथियों ने यहां पहुंचकर काफी उत्पात मचाया था जिससे क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल था। गांव वाले हाथियों के उत्पात से बेहद परेशान हैं और डर के मारे खेतों में जाना भी बंद कर दिया है जिससे खेती का काम पिछड़ रहा है।

    याद रहे कटघोरा वनमंडल के केंदई, पसान, एतमानगर और जटगा रेंज में 80 की संख्या में हाथी घूम रहे हैं। हाथियों ने क्षेत्र को अपना बसेरा बना लिया है। इधर कोरबा वनमंडल के करतला रेंज में मौजूद 22 हाथियों का दल बीती रात कल्गामार से कुदमुरा का रूख कर लिया है। हाथियों को आज सुबह यहां के जंगल के कक्ष क्रमांक 1140 में देखा गया और इसकी सूचना वन विभाग को दी गई जिस पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर हाथियों की निगरानी में जुट गए हैं।

  • Bilaspur news:तेज रफ्तार ट्रेलर ने 17 मवेशियों को रौंदा, आरोपी ड्राइवर चढ़ा पुलिस के हत्थे 

    Bilaspur news:तेज रफ्तार ट्रेलर ने 17 मवेशियों को रौंदा, आरोपी ड्राइवर चढ़ा पुलिस के हत्थे 

    गहवई, बिलासपुर. रतनपुर थाना क्षेत्र के बारीडीह गांव में तेज रफ्तार ट्रेलर ने 17 मवेशियों को चपेट में ले लिया था. दुर्घटना में 13 मवेशियों की मौत हो गई थी, जबकि 4 घायल हुई थी. पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही ट्रेलर्स को मनेन्द्रगढ़ से जब्त किया गया है.

    बता दें कि 15 जुलाई को बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र से घटना सामने आई थी. जहां नंदलाल पेट्रोल पंप के पास सड़क पर 20 से ज्यादा मवेशी बैठे थे. रतनपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को अपनी चपेटे में ले लिया.

    हादसे को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कि ड्राइवर ने ब्रेक लगाए बिना ही मवेशियों को कुचलते हुए गाड़ी आगे बढ़ा दी. दर्दनाक हादसे में 17 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं 4 मवेशी बुरी तरह से घायल हुए थे. घटना की सूचना पर रतनपुर पुलिस मामला दर्ज कर फरार चालक की पतासाजी में जुटी थी. पुलिस ने ट्रेलर के साथ आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है. 

  • CG News : बस्तर के दूरस्थ अंचल में महिलाओं और बच्चियों ने जवानों के साथ मनाया रक्षाबंधन

    CG News : बस्तर के दूरस्थ अंचल में महिलाओं और बच्चियों ने जवानों के साथ मनाया रक्षाबंधन

    सुकमा. नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में जहां अक्सर गोलियों की आवाजे गूंजती रही हैं, वहां इस बार राखी के पवित्र धागों ने एक अलग ही माहौल बना दिया. सुरक्षा के कड़े पहरे और तनावपूर्ण ड्यूटी के बीच, छात्राओं ने सुरक्षा बल के जवानों के साथ रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया.

    सुबह से ही गांव की महिलाएं और बच्चियां रंग-बिरंगी राखियां, तिलक की थाली और मिठाइयों के साथ सुरक्षा बल के कैंप पर पहुंची. जवानों के चेहरे पर घर-परिवार से दूर रहने का दर्द साफ झलक रहा था, लेकिन जैसे ही इन बहनों ने उनके हाथों में राखी बांधी, उनकी आंखों में खुशी और अपनापन छलक पड़ा. कई जवानों ने बताया कि वे सालों से अपने घर पर राखी के मौके पर नहीं जा पाए, लेकिन यहां उन्हें ऐसा लगा जैसे वे अपने ही परिवार के बीच हैं.

    जवान भाईयों के कलाई पर बंधी हस्तनिर्मित राखियां

    इस राखी की अहमियत और बढ़ गई जब बहनों ने बताया कि इस वर्ष सभी राखियां हमने अपने हाथों से तैयार किया ताकि हमारे सुरक्षा के लिए अपने घर तक नहीं पहुंचने वाले हमारे सुरक्षा कर्मी भाइयों के हाथों में राखी बांध कर उनकी राखी में बहनों की कमी को दूर कर सके. साथ ही छात्राओं ने बताया कि हम पहले से इन रखियो को तैयार कर रही है. साथ पहली बार सभी छात्राओं ने राखी बनाकर सीमा पर तैनात सेना के जवानों को भी राखियां भेजी है. क्यों कि वो भी देश की सुरक्षा में डटे होने के कारण, वह अपनी बहनों के पास नहीं पहुंच पाते, इसलिए हमने हाथों से तैयार किए गए राखी को सेना के जवानों को भेजा गया है.

    छात्रा सुरभि यादव ने भावुक होकर कहा, “ये जवान दिन-रात हमारी सुरक्षा के लिए जंगलों और रास्तों पर खतरे मोड़ लेते हैं. हम भले खून के रिश्ते से न जुड़े हों, लेकिन राखी का धागा उन्हें हमारा भाई बना देता है.”

    वही एक ओर छात्रा ने कहा, ” यहां के जवान हमारी रक्षा कर रहे हैं, तो हमने सोचा कि क्यों न उन्हें ही अपना भाई मान लें ताकि इन्हें अपनी बहनों और परिवारों वाले की कमी महसूस न हो. जवान भाइयों को राखी बांध कर हम बहुत खुश हैं.”

    राखी बंधवाते समय जवानों ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं. इंस्पेक्टर कमलेश कुमार मीणा 74 वाहिनी ने कहा, “ड्यूटी के कारण कई सालों से घर जाकर राखी नहीं बंधवा पाया था, लेकिन यहां बहनों ने जो प्यार और सम्मान दिया, वह हमेशा याद रहेगा, हम सदैव इस क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते है और आगे भी इनकी सुरक्षा करेंगे.”

    एक अन्य जवान महेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा, “हम भले अपने परिवार से दूर हैं, लेकिन इन बहनों के स्नेह ने हमें अपनेपन का अहसास कराया. इस राखी के धागे में हमें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी और भी गहरी महसूस होती है.”

    74 वाहिनी के कमाडेंट हिमांशु पांडे ने कहा, “यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि हमारा रिश्ता सिर्फ वर्दी और जिम्मेदारी का नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक जुड़ाव भी है. यहां के लोग हमें अपनापन देते हैं और यही हमें कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती देता है.”

    नक्सल प्रभावित इलाकों में रक्षाबंधन पर्व से सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच विश्वास और भाईचारा बढ़ता है. जहां एक तरफ जवान घर से मीलों दूर रहकर लगातार सर्दी, गर्मी और खतरे का सामना करते हैं, वहीं दूसरी ओर गांव की बहनें और माताएं उनकी कलाईयों पर राखी बांध कर स्नेह देती हैं.