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यह मामला कोंडागांव जिले से जुड़ा है, जहां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) द्वारा फार्मासिस्ट पद के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस भर्ती में आवेदक सुनील मरकाम ने भी आवेदन किया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय रूप से काम किया था, लेकिन चयन प्रक्रिया में उन्हें इसका लाभ नहीं दिया गया।
याचिका में बताया गया कि आवेदक ने कोविड-19 के दौरान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त कार्यक्रम में अपनी सेवाएं दी थीं। उन्होंने अपने कार्य का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया था, इसके बावजूद विभाग ने उनके अनुभव को मान्य नहीं माना और 10 बोनस अंक नहीं दिए, जिसके कारण वे चयन सूची से बाहर हो गए।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 7 दिसंबर 2021 को जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोविड-19 काल में कम से कम 6 माह तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के दौरान अधिकतम 10 बोनस अंक दिए जाएंगे। इसके बावजूद कई मामलों में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने साफ किया कि यदि किसी कर्मचारी ने शासन के साथ संयुक्त रूप से संचालित कोविड कार्यक्रम में कार्य किया है, तो उसे बोनस अंक से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसे कर्मचारियों को 10 अंक बोनस दिया जाना अनिवार्य है और याचिकाकर्ता को 60 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए।
हाईकोर्ट का यह फैसला उन सभी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन्होंने कोरोना काल में निजी संस्थाओं के माध्यम से काम किया था लेकिन भर्ती प्रक्रिया में उन्हें बोनस अंक का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस निर्णय के बाद अब ऐसे उम्मीदवारों को भी नियुक्ति प्रक्रिया में समान अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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]]>The post छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमित शांडिल फिर बनेंगे DIG जेल, एस.एस. तिग्गा का प्रमोशन रद्द appeared first on Vedant Samachar.
]]>वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर आया फैसला
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि DIG जेल पद के लिए निर्धारित पात्रता और वरिष्ठता सूची में अमित शांडिल का नाम पहले स्थान पर था। इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज कर एस.एस. तिग्गा को पदोन्नति दी गई, जिसे कोर्ट ने नियमों के विरुद्ध माना।
कोर्ट ने प्रमोशन प्रक्रिया को बताया गलत
न्यायालय ने कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया में सेवा नियमों और वरिष्ठता के सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया, इसलिए एस.एस. तिग्गा का प्रमोशन वैध नहीं है। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब आदेश लागू किया जाएगा।
अमित शांडिल संभालेंगे फिर से DIG जेल का कार्यभार
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अमित शांडिल पुनः DIG जेल के रूप में कार्यभार संभालेंगे, जबकि एस.एस. तिग्गा को उनके पूर्व पद पर वापस भेजा जाएगा। प्रशासनिक भाषा में इसे डिमोशन माना जा रहा है।
जेल विभाग में पारदर्शिता की दिशा में अहम फैसला
इस निर्णय को छत्तीसगढ़ जेल विभाग में पारदर्शिता और नियमों के पालन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही यह फैसला भविष्य की पदोन्नतियों के लिए मिसाल (Precedent) बनेगा।
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