नई दिल्ली, 06 दिसंबर 2025। डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 70वीं पुण्यतिथि पर देशभर में महापरिनिर्वाण दिवस मनाया गया। भारतीय संविधान के जनक और सामाजिक न्याय के अग्रदूत रहे बाबा साहेब को श्रद्धांजलि देने के लिए संसद परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया और संविधान निर्माता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल गांधी ने कहा कि आंबेडकर के विचारों और संविधान की रक्षा करना पूरे देश की साझा जिम्मेदारी है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बाबा साहेब को महान राष्ट्रीय व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी भारत के लोकतांत्रिक और सामाजिक ताने-बाने का मार्गदर्शन करते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि हर भारतीय का संविधान खतरे में है, ऐसे में उसकी रक्षा करना नागरिकों और जनप्रतिनिधियों दोनों का कर्तव्य है।
राहुल गांधी ने एक्स पर भी पोस्ट साझा करते हुए संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने लिखा कि समानता, न्याय और मानवीय गरिमा पर आधारित बाबा साहेब की विरासत एक समावेशी और दयालु भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा देती है और संविधान की रक्षा के संकल्प को मजबूत बनाती है।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) ने संसद भवन परिसर के प्रेरणा स्थल पर 70वां महापरिनिर्वाण दिवस समारोह आयोजित किया। संसद भवन लॉन में स्थित आंबेडकर की आदमकद प्रतिमा को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए कार्यक्रम को आम जनता के लिए भी खोला गया। डीएएफ ने अनुयायियों की सुविधा के लिए सामान भंडारण की व्यवस्था हेतु विशेष स्टॉल भी लगाया। इसके साथ ही 25 बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मंत्रोच्चार कर बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित की गई।
देशभर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने बाबा साहेब आंबेडकर की शिक्षाओं, विचारों और संविधान निर्माण में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया।



