कोरबा, 11 नवंबर (वेदांत समाचार)।अधिग्रहित हरदीबाज़ार ग्राम में 100 से अधिक मकानों एवं परिसंपत्तियों की नापी SECL दीपका क्षेत्र द्वारा छत्तीसगढ़ शासन एवं कोरबा डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन के सहयोग से पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई। इस प्रक्रिया में दीपका क्षेत्र द्वारा कोल इंडिया में पहली बार लागू किए गए “ मेज़रमेंट बुक फ़ॉर्मेट ” का उपयोग किया गया, जिसमें प्रत्येक मकान और संपत्ति की विस्तृत नापी दर्ज की जा रही है।
नापी पुस्तिका को राज्य शासन के अधिकारियों, SECL अधिकारियों, मकान मालिक एवं दो गवाहों की उपस्थिति में, मकान एवं अन्य परिसंपत्तियों की नापी, GPS फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी के उपरांत संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाणित किया जाता है। नापी के तुरंत बाद हस्ताक्षरित नापी पुस्तिका की प्रति प्रत्येक मकान मालिक को मौके पर ही प्रदान की जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया में उच्च स्तर की पारदर्शिता और भरोसा सुनिश्चित हो रहा है।

वर्तमान में सभी नापी अभिलेखों के आधार पर मुआवज़ा निर्धारण संबंधी कैल्कुलेशन शीट का निर्माण तीव्र गति से जारी है। तैयार दस्तावेजों को शीघ्र ही SECL मुख्यालय भेजा जाएगा, ताकि ग्रामवासियों को उनका मुआवज़ा समय पर और बिना विलंब उपलब्ध कराया जा सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी नापी प्रक्रिया की सराहना करते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यह कार्यवाही न केवल हरदीबाज़ार ग्राम के लिए, बल्कि भविष्य की भूमि-अधिग्रहण प्रक्रियाओं के लिए भी एक आदर्श और पारदर्शी मॉडल स्थापित करती है।



