रायगढ़,29अक्टूबर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल का एक वीडियो सामने आया है जिसमें हाथी मित्र दल ने हाथियों से कहा कि वे बीच रास्ते में ना खड़े होए, जंगल की तरफ चले जाए। ऐसा कहने के बाद हाथियों की दल जंगल की तरफ चला गया। मामला छाल रेंज के बोजिया परिसर का है।
यहां 15 हाथियों की मौजूदगी थी। 27 अक्टूबर को हाथियों का ग्रुप गड़ाइनबहरी औरानारा कच्चे रास्ते पर आ गया था, इसमें बेबी ऐलीफेंट भी शामिल थे। इस दौरान हाथी मित्र दल के सदस्य निगरानी के लिए पहुंचे।
तभी उन्होंने हाथियों से जंगल जाने के लिए कहा और हाथी रास्ता छोड़कर जंगल की तरफ चले गए। इस तरह का वीडियो पहली बार सामने आया है। इसे लेकर एक्सपर्ट की कहना है कि हाथी भाषा नहीं इशारा समझते हैं। हाथी मित्र दल के लोगों को वे शांति से सुनते-समझते है। वन्य जीवों के जानकारों का कहना है कि हाथियों के व्यवहार को हाथी मित्र दल समझते हैं। उनके खाने-आराम करने समेत उनके मूवमेंट की लगभग जानकारी होती है। हाथियों की जब वे निगरानी करते हैं।
तब हाथी भी उन्हें कई बार देखते हैं और हाथी मित्र दल दूर खड़े होकर उन्हें सुरक्षित रोड क्रॉस या उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। ऐसे में हाथी भी उन्हें बार-बार देखकर समझने लगते हैं कि ये हमे नुकसान नहीं पहुंचाने वाले हैं।
इस संबंध में एलिफेंट प्रोजेक्ट के पूर्व CCF व एलिफेंट एक्सपर्ट केके बिसेन ने बताया कि हाथी मानव की भाषा को नहीं समझते, लेकिन बार-बार देखने के बाद इशारों को जरूर पहचानने लगते हैं। हाथी मित्र दल वाले हल्ला नहीं करते शांति बरकरार रखते हैं। वहीं से उनका संबंध बन जाता है।
बिसेन ने बताया कि हाथी और मानव के बीच जो संबंध है उसे लेकर उन्होंने वीडियो भी बनाया है और उदाहरण में बताया कि पूर्व में देखने मिला था कि जब हाथी गड्ढे में गिर गए थे।
वनकर्मी उन्हें निकालने का प्रयास कर रहे थे, तो बाकी दल के अन्य हाथी दूर से देखते रहे और जब हाथी गड्ढा से बाहर निकला, तो आवाज लगाते हुए बिना कुछ नुकसान किए हाथी जंगल की ओर चले गए।
धरमजयगढ़ वन मंडल DFO जितेन्द्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि हाथी मित्र दल वाले हाथियों की मूवमेंट पर नजर रखते हैं और कई बार ऐसा मौका आया होगा कि उसी दल को उन्होंने आवाज दी होगी।
ऐसे में लगातार हाथी उनकी आवाज सुने होंगे, तो निश्चित तौर पर ऐसा हो सकता है कि वे आवाज और इशारा को समझ रहे हो। हाथी को नुकसान नहीं पहुंचाने पर वे भी नुकसान नहीं पहुंचाते है।
कई बार ऐसा होता है कि खेत में किसान काम कर रहा होता है और कुछ दूरी में हाथी बगल से निकल जाते हैं। हाथी के व्यवहार को समझ ले तो कोई जनहानि नहीं होगा। वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी मित्र दल के सदस्यों ने दूर से आवाज लगाई। जंगल अंदर जाओ, रास्ते को छोड़ दो, इतना सुनते ही कुछ हाथी जंगल की ओर चले गए।
वहीं कुछ हाथी खड़े रहे, लेकिन बार-बार उन्हें भी जाने की आवाज लगाने पर वे भी चिंघाड़ लगाते हुए जंगल के अंदर चले गए।
इस तरह का वीडियो पहले नहीं देखा गया था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद यह जरूर कहा जा रहा है कि अगर हाथियों के दल से छेड़छाड़ न किया जाए, तो वे अपने रास्ते चले जाते हैं।



