सुकमा ,25अक्टूबर (वेदांत समाचार)। विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या की घटनाओं को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तैयार किए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर, प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावासों में ‘उम्मीद’और ‘मनोदर्पण’ से प्रेरित मानसिक स्वास्थ्य नीति लागू करनी होगी।
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कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना हम सबकी जिम्मेदारी है। नई व्यवस्था के तहत 100 या अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में प्रशिक्षित परामर्शदाता या मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जबकि छोटे संस्थानों को बाह्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहयोग लेना होगा। शासन के इस पहल से विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने, आत्महत्या जैसी घटनाओं की रोकथाम और संवेदनशील शैक्षणिक वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगी।



