अंबिकापुर, 18 अक्टूबर (वेदांत समाचार)। सरगुजा जिले की सीतापुर विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच सियासी बयानबाजी का दौर गरमा गया। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और वर्तमान विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच शब्दों के तीखे तीर चले। मैनपाट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयानों ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया।
बीते दो दशकों तक सीतापुर विधानसभा का नेतृत्व करने वाले अमरजीत भगत को 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रामकुमार टोप्पो ने हराकर पहली बार यह सीट भाजपा के खाते में डलवाई थी। अब दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने नई बहस छेड़ दी है।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने विधायक टोप्पो पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सीतापुर के वर्तमान विधायक की “न कोई सोच है और न विकास की ललक।” उन्होंने कहा कि “गलती से वे विधायक बन गए हैं।” भगत ने तंज कसते हुए कहा, “कभी नान चाकू चलाते हैं, तो कभी पुलिया के ऊपर से छलांग लगा देते हैं। अरे उन्हें बंदरों जैसी उछलकूद करने के लिए सीतापुर की जनता ने विधायक नहीं बनाया था।”
पूर्व मंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, “मैंने अपने कार्यकाल में जितनी सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया है, अगर वे उसे ही मेंटेन रख लें, तो बड़ी बात होगी। बंदरों जैसा कूदने से कुछ नहीं होता, जनता के बीच जाइए और उनकी समस्याएं सुनिए।”
इन बयानों पर विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, “पूर्व मंत्री का अनुभव मुझसे अधिक है, इसमें कोई दो राय नहीं। लेकिन जहां तक नेता बनने की बात है, मैं नेता नहीं बनना चाहता। मैं सीतापुर की जनता का बेटा बनकर सेवा करना चाहता हूं।”
विधायक ने कहा कि उनकी उम्र ऐसी है जिसमें ऊर्जा और उत्साह स्वाभाविक है। “यदि मैं बच्चों के साथ मैदान में खेलता हूं, किसी की जान बचाने के लिए नदी में कूदता हूं, या बेटियों को आत्मरक्षा के लिए नान चाकू चलाना सिखाता हूं, तो इसमें गलत क्या है?”
टोप्पो ने पूर्व मंत्री पर पलटवार करते हुए कहा, “आपने क्या किया था कि मैं उसे मेंटेन करूं? आपके समय में पुल-पुलिया के अभाव में लोग बह जाते थे। सड़कों की हालत ऐसी थी कि बीमारों को खाट में लाना पड़ता था। अब हालात बदल चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि सीतापुर के 100 बिस्तर वाले अस्पताल की सूरत बदल गई है। “मैं चाहूंगा कि पूर्व मंत्री कभी बीमार न पड़ें, लेकिन यदि पड़ते हैं तो सीतापुर के अस्पताल में भर्ती हों। उन्हें एयर कंडीशंड कमरे और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा मिलेगी।”
अंत में विधायक टोप्पो ने कहा, “पूर्व मंत्री को अब अच्छे दिन नजर नहीं आ रहे हैं, उन्हें अपने नंबर का चश्मा बदलने की जरूरत है।”
सीतापुर विधानसभा की यह जुबानी जंग अब जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। जनता की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच यह सियासी मुकाबला किस दिशा में जाएगा।



