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सोने की चमक के पीछे छिपी चिंता: मुख्यमंत्री से मिलेगा सराफा संघ, ऑनलाइन दबदबे और नीति संरक्षण पर रखेगा बात

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रायपुर, 13 अक्टूबर। सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर की बढ़त ने एक ओर जहां त्योहारी रौनक बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक सराफा व्यापारियों की चिंताएं भी गहरा दी हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेगा। यह बैठक विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित हो रही है, जिसमें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

सोना ₹12.75 लाख पार, चांदी ₹1.6 लाख के करीब
वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में तेजी का रुख बना हुआ है। स्थानीय बाजार में सोमवार को सोना 12.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया, जबकि चांदी 1.6 लाख रुपये प्रति किलो के करीब रही।
विशेषज्ञों के अनुसार सोने का सपोर्ट लेवल ₹12 लाख और रेज़िस्टेंस ₹13.15 लाख के बीच बना हुआ है।

कमल सोनी बोले – “मुख्यमंत्री के समक्ष रखना हमारे लिए स्वर्णिम अवसर”
संघ के अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि यह बैठक पारंपरिक सराफा व्यवसाय के भविष्य को लेकर निर्णायक हो सकती है।
उन्होंने कहा, “बढ़ती कीमतों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के अनुचित प्रतिस्पर्धा के बीच व्यापारियों की समस्याएं गंभीर हो गई हैं। मुख्यमंत्री और BIS के साथ मंच साझा करना हमारे लिए स्वर्णिम अवसर है।”

ऑनलाइन दबाव, पारंपरिक कारोबार पर संकट
त्योहारी मौसम में बाजार में रौनक लौटने के बावजूद छोटे व्यापारियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सोनी ने कहा, “बड़ी कंपनियां और ऑनलाइन विक्रेता भारी छूट और भ्रामक ऑफर देकर ग्राहकों को भ्रमित कर रहे हैं। इससे सदियों पुराना पारंपरिक व्यापार अस्तित्व के संकट में आ गया है।”

मुख्य मांगें जो रखी जाएंगी:

पारंपरिक कारोबार को राज्य संरक्षण नीति में शामिल किया जाए

व्यापारियों को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा दी जाए

राज्य स्तरीय स्वर्ण-रजत व्यापार नीति लागू की जाए

ऑनलाइन कीमतों की हेराफेरी पर नियंत्रण के उपाय किए जाएं

संस्कृति से जुड़ा व्यवसाय
संघ के प्रवक्ता ने कहा, “सराफा केवल व्यापार नहीं, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान भी है। अगर सरकार ने समय पर कदम नहीं उठाए, तो छोटे कारोबारी धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे।”

निर्णायक साबित होगी यह बैठक
संघ का मानना है कि यह बैठक सराफा व्यापार के भविष्य को दिशा देने का कार्य करेगी। कमल सोनी ने कहा, “अब वक्त है कि सरकार ठोस नीति बनाकर परंपरागत व्यापार को राहत दे। अन्यथा सोने की मौजूदा चमक के पीछे व्यापारिक अंधकार गहराता जाएगा।”

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