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हरदीबाजार-तरदा टू-लेन सड़क निर्माण पर संकट : मुआवजा को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति, अधिग्रहण प्रक्रिया अटकी

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कोरबा/कटघोरा, 27 सितम्बर (वेदांत समाचार)। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत हरदीबाजार से तरदा तक बनने वाली टू-लेन सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फिर विवादों में उलझ गई है। परियोजना के लिए 11 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जा रही है, लेकिन प्रभावित ग्रामीणों ने मुआवजा राशि पर सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज की है। कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना कार्यालय से ग्रामीणों को दस्तावेज जमा कर मुआवजा प्राप्त करने नोटिस जारी किया गया है। दूसरी ओर बिरदा गांव के किसानों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि किस आधार पर राशि का निर्धारण किया गया है।

27.19 किमी सड़क, 250 प्रभावित, 8 करोड़ का मुआवजा

हरदीबाजार–तरदा, सर्वमंगला–इमलीछापर सड़क की कुल लंबाई 27.19 किलोमीटर है। तीन चरणों में बन रही तरदा–हरदीबाजार सड़क का हिस्सा 13 किलोमीटर लंबा है। इस निर्माण में ग्रामीणों की भूमि ली जा रही है। करीब 250 प्रभावित परिवारों को 8 करोड़ रुपये का मुआवजा बंटना है। अवार्ड पारित होने के बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।

ग्रामीणों की आपत्ति

कलेक्टोरेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि पत्र में मुआवजा राशि निर्धारण का कोई आधार नहीं बताया गया है। जमीन अधिग्रहण के समय भी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी। ग्रामीणों ने मांग की कि मुआवजा भारतमाला परियोजना की तर्ज पर तय किया जाए और जमीन का मूल्यांकन भी उसी आधार पर किया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित मुआवजा नहीं दिया गया तो वे अदालत का रुख करेंगे। उनकी आपत्ति के कारण सड़क निर्माण में और देरी की आशंका है, क्योंकि 90 प्रतिशत मुआवजा वितरण पूरा हुए बिना टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती।

पीडब्ल्यूडी और ठेका कंपनी की स्थिति

पीडब्ल्यूडी ने मुआवजा राशि पहले ही भू-अर्जन अधिकारी, कटघोरा के पास जमा करा दी है। लेकिन अधिग्रहण प्रक्रिया अटकने से निर्माण कार्य फिर से रुकता दिख रहा है। ठेका कंपनी ने भी जमीन न मिलने के कारण काम करने से इंकार कर दिया था। नवंबर 2024 में ठेका समाप्त हो चुका है।

सर्वमंगला से इमलीछापर के बीच करीब 500 मीटर सड़क अभी अधूरी है। तीन चरणों का काम एक साथ होने की वजह से नया टेंडर भी जारी नहीं हो पा रहा है।

11 महीने पहले हुआ टेंडर निरस्त

कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी, जी.आर. जांगड़े ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के बाद ही नया टेंडर जारी किया जाएगा। मुआवजा राशि प्रशासन के पास जमा करा दी गई है और शेष प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

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