Vedant Samachar

कोरबा में बुलेट सवार युवकों की लापरवाही से बड़ा हादसा, मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल…

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कोरबा,27 सितम्बर (वेदांत समाचार)। त्योहारों के बीच कोरबा जिले में तेज रफ्तार और शराब के नशे में धुत युवाओं की करतूतों से सड़कों पर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात करीब 12:30 बजे टीपी नगर चौक के पास, चौरसिया पेट्रोल पंप के सामने ऐसा ही एक हादसा सामने आया, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन युवक बुलेट बाइक पर सवार होकर लापरवाहीपूर्वक तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ रहे थे। शराब के नशे में धुत युवक बाइक को इस अंदाज में चला रहे थे, मानो सड़क उनकी निजी संपत्ति हो। इसी दौरान सामने से आ रहे जोमैटो डिलीवरी कर्मी को उन्होंने टक्कर मार दी। युवक अपनी नन्ही बच्ची को स्कूल से घर ला रहा था, तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि मासूम बच्ची सड़क पर गिरते ही लहूलुहान हो गई। पिता को भी चोटें आईं। हादसे के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। कई वाहन चालक बचकर निकल गए, लेकिन स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया।

हादसे के बाद बुलेट पर सवार युवक भागने की कोशिश करने लगे। बताया जा रहा है कि तीन में से एक युवक मौके से फरार हो गया, जबकि दो को भीड़ ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुलेट सवारों को मामूली चोटें आईं थीं, फिर भी वे मौके से बचकर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन और ट्रैफिक विभाग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर में जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरे केवल दिखावे के लिए हैं। इनकी निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर है कि हादसे के बाद भी वास्तविक दोषियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हो पाती। वहीं, देर रात तक खुले रहने वाले शराब और कोचियों के ठिकाने भी इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान पुलिस को विशेष चौकसी बरतनी चाहिए, ताकि शराब के नशे में धुत और नियमों को ताक पर रखने वाले युवाओं पर अंकुश लगाया जा सके। कोरबा शहर में रात 10 बजे के बाद डीजे बंद कराने के आदेश हैं, लेकिन कई जगह आधी रात तक डीजे बजते हैं। इससे माहौल बिगड़ता है और युवा भीड़भाड़ वाली सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाने लगते हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर जिले की ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासी मांग कर रहे हैं कि सख्त कार्रवाई के बिना ऐसे हादसों पर रोक नहीं लगाई जा सकती। शराब के नशे में वाहन चलाने वालों पर कठोर दंड लागू किया जाए, और देर रात तक खुले रहने वाले शराब के अड्डों व डीजे आयोजनों पर तत्काल नियंत्रण किया जाए।

मासूम बच्ची का इलाज जारी है और परिजनों की हालत खराब है। जिलेवासी उम्मीद कर रहे हैं कि इस दर्दनाक घटना से सबक लेते हुए पुलिस प्रशासन अब कड़ाई से नियमों का पालन कराएगा, ताकि भविष्य में कोई मासूम इस तरह की लापरवाही का शिकार न हो।

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