धमतरी,24 सितम्बर (वेदांत समाचार) । ग्रामीण विकास को पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव पहल की है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत अब समस्त ग्राम पंचायतों में मनरेगा क्यूआरकोड जारी किया गया है। इस क्यूआरकोड का शुभारंभ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री बिष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह के कर-कमलों से किया गया। यह आयोजन विकासखंड मगरलोड के ग्राम पंचायत करेली बड़ी में महतारी सदन के लोकार्पण अवसर पर किया गया।
नवाचार के तहत बनाए गए इस क्यूआरकोड से ग्रामीण जनता को सीधे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अंतर्गत योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी। किसी भी ग्राम पंचायत के हितग्राही अथवा ग्रामीण मात्र एक स्कैन से यह देख सकेंगे कि उस पंचायत में मनरेगा अंतर्गत हितग्राही मूलक एवं सामुदायिक मूलक के कितने कार्य स्वीकृत हैं, कौन-से कार्य प्रगति पर हैं और कौन-से पूर्ण हो चुके हैं। इसमें हितग्राही मूलक एवं सामुदायिक दोनों प्रकार के कार्यों की सूची उपलब्ध रहेगी। इससे आमजनता को अब कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और योजनाओं की पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
क्यूआरकोड से ग्रामीण जनता को यह फायदा होगा कि उन्हें समय पर जानकारी मिलेगी। कार्यों की प्रामाणिकता जांचना आसान होगा और योजनाओं पर होने वाले खर्च का भी स्पष्ट अंदाजा रहेगा। पारदर्शिता के साथ-साथ यह कदम भ्रष्टाचार रोकने और जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।
इस संबंध में जिला पंचायत धमतरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा क्यूआरकोड से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब ग्राम पंचायत के हर नागरिक के हाथ में कार्यों की जानकारी होगी। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच विश्वास बढ़ाएगी तथा विकास कार्यों की निगरानी में जनभागीदारी को और मजबूत करेगी।
सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यम से पारदर्शिता लाने और कार्यप्रणाली को सरल बनाने से ग्रामीण अंचलों में योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचेगा। मनरेगा क्यूआरकोड से जनता के हाथ में सूचना और जिम्मेदारी दोनों होगी जिससे ग्रामीण विकास की गति और तेज होगी।



