Vedant Samachar

दुर्गा पूजा से पहले 1 लाख रुपये बोनस की मांग, गेवरा में श्रमिक संगठनों का हल्ला बोल

Vedant samachar
3 Min Read

कोरबा,24 सितम्बर (वेदांत समाचार)। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) गेवरा क्षेत्र में कामगारों ने दुर्गा पूजा से पूर्व बोनस भुगतान की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन (एचएमएस, एटक, इंटक, बीएमएस और सीटू) ने कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक के माध्यम से सौंपा। इसमें साफ कहा गया है कि प्रत्येक श्रमिक को कम से कम एक लाख रुपये बोनस अग्रिम रूप से दिया जाए, अन्यथा श्रमिक संगठन आगे की कठोर कार्रवाई करने को बाध्य होंगे।

बिना निर्णय समाप्त हुई बैठक

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 22 सितंबर को बोनस भुगतान के संबंध में हुई बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई। इस पर संगठनों ने कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि त्योहार नजदीक हैं और श्रमिक अपने परिवारों के साथ इसे मनाने के लिए आर्थिक सहयोग की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में प्रबंधन का चुप रहना उचित नहीं है।

श्रमिक चौक पर गेट मीटिंग

ज्ञापन सौंपने के बाद गेवरा के श्रमिक चौक पर गेट मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और सैकड़ों श्रमिकों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गेवरा खदान देश की सबसे बड़ी खदानों में से एक है और यहां काम करने वाले श्रमिक दिन-रात मेहनत कर कोयला उत्पादन सुनिश्चित करते हैं। इसके बावजूद बोनस भुगतान में टालमटोल उनकी मेहनत का अपमान है।

बोनस पर राष्ट्रीय स्तर पर असमंजस

गौरतलब है कि कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश के चलते कोल इंडिया के 2.20 लाख से अधिक श्रमिकों का बोनस भुगतान फिलहाल रोक पर है। इससे बीसीसीएल, सीसीएल, ईसीएल और एसईसीएल के कर्मचारियों में असंतोष फैल गया है। पिछले वर्ष एसईसीएल ने प्रत्येक कर्मचारी को 85 हजार रुपये बोनस दिया था, जिससे कुल 278 करोड़ रुपये की राशि कर्मचारियों तक पहुंची थी। श्रमिकों का कहना है कि इस बार महंगाई को देखते हुए कम से कम एक लाख रुपये मिलना ही चाहिए।

आंदोलन की चेतावनी

संयुक्त श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। श्रमिक नेताओं का कहना है कि बोनस केवल आर्थिक सहयोग नहीं बल्कि सम्मान और मनोबल से जुड़ा मुद्दा है।

Share This Article