बुधवार, 3 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा कि अब जीएसटी सिस्टम को आसान बनाया जा रहा है। पहले जहां 4 अलग-अलग टैक्स स्लैब थे, अब उन्हें घटाकर सिर्फ दो मुख्य स्लैब 5% और 18% कर दिया गया है।
मदर डेयरी का बड़ा ऐलान
आज मदर डेयरी ने 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया गया है। वहीं, दूध के साथ ही बाकी प्रोडक्ट्स में भी रेट कम होंगे। कंपनी ने जीएसटी कटौती का फायदा आम लोगों तक पहुंचाने का फैसला लिया है। हालांकि, आपको बता दें ये नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।
अमूल ने घटाने से किया इनकार
जहां एक तरफ मदर डेयरी ने रेट घटाकर उपभोक्ताओं को खुश कर दिया है, वहीं अमूल ने साफ किया है कि पाउच दूध की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी का तर्क है कि पाउच दूध पर पहले से ही जीएसटी शून्य प्रतिशत है, इसलिए इस पर दर घटाने का कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी अमूल का दूध वही पुराने दाम पर बिकता रहेगा।
यूएचटी दूध क्या होता है?
आजकल बाजार में यूएचटी दूध का नाम खूब सुनाई देता है। इसका पूरा नाम है अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध। इस प्रक्रिया में दूध को कुछ सेकंड के लिए 135 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा गर्म किया जाता है। इससे दूध में मौजूद जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और दूध लंबे समय तक खराब नहीं होता। टेट्रा पैक जैसी पैकेजिंग के कारण यह दूध कई महीनों तक बिना फ्रिज में रखे सुरक्षित रह सकता है। यही कारण है कि बड़े शहरों में यूएचटी दूध की मांग लगातार बढ़ रही है।
उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा फायदा?
मदर डेयरी के इस कदम से सबसे ज्यादा राहत रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों को मिलेगी। प्रति लीटर 2 रुपए की कटौती छोटे परिवारों के मासिक बजट में फर्क डाल सकती है। साथ ही त्योहार और शादी-ब्याह का सीजन नजदीक आने वाला है, ऐसे समय पर दूध और दूध से बने सामान की खपत बहुत बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में कमी लोगों की जेब पर अच्छा असर डालेगी। 2 रुपए की कटौती से इसका फायदा आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
आगे का रास्ता
अभी सिर्फ मदर डेयरी ने रेट घटाने का ऐलान किया है। बाकी बड़ी डेयरी कंपनियों का रुख देखना दिलचस्प होगा। अगर अन्य कंपनियां भी इसी तरह का फैसला करती हैं, तो उपभोक्ताओं को और भी ज्यादा फायदा मिल सकता है।



