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CG NEWS : निजी आयुष्मान अस्पताल में इलाज में लापरवाही : चार साल के बच्चे का पैर हुआ छोटा, 9 माह पहले जांघ की हड्डी टूट गई थी…

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पीड़ित पिता ने स्वास्थ्य विभाग में की शिकायत, जांच शुरू, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.अंकुर कुंडू ने किया है प्लॉस्टर

बेमेतरा,12 सितम्बर । शहर के प्राइवेट आयुष्मान अस्पताल में इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां उपचार के बाद चार साल के बच्चे का पैर छोटा हो गया है। बच्चे की 9 माह पहले यानि नवंबर 2024 में जांघ की हड्डी टूट गई थी। जिसे आयुष्मान अस्पताल बेमेतरा में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद आज के समय में बच्चे सीधे खड़ा नहीं हो पा रहा है। क्योंकि, उसका एक पैर छोटा हो गया है। पीड़ित पिता ने स्वास्थ्य विभाग में लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। ग्राम कठिया निवासी प्रहलाद साहू ने बताया कि 18 नवंबर 2024 को चार वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ साहू का खेलने के दौरान जांघ की हड्डी (फीमर) टूट गया था।

आयुष्मान अस्पताल बेमेतरा में भर्ती कराया,जहां इलाज के बाद बच्चे का पैर छोटा हो गया है। क्योंकि, इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई है। टूटी हुई हड्डी सही तरीके से नहीं मिल पाया। इस लापरवाही के कारण मासूम का एक पैर दूसरे पैर से छोटा हो गया है,जिससे उसे चलने परेशानी हो रही। इतनी कम उम्र में शरीर में असमानता आ गई है, जो भविष्य में उनके जीवन पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। पिता प्रहलाद साहू ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच कर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.अंकुर कुंडू ने ही प्लॉस्टर किया था।

अस्पताल संचालक ने कहा, जो करना हैं कर लो

प्रहलाद साहू ने बताया कि इलाज को करीब 8 से 9 माह बीत गया। इस दौरान कई बार आयुष्मान अस्पताल के संचालक डॉक्टर अनिल पटेल से संपर्क किया। उनके द्वारा कहा जाता था कि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.अंकुर कुंडू आने वाले हैं। उनसे चर्चा कर लेना। लेकिन, अभी तक डॉ.कुंडू से मुलाकात नहीं हुई। आखिर में परेशान होकर डॉक्टर अनिल पटेल से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि आपको जो करना है कर लो, इलाज ठीक हुआ है। इधर, बच्चे के भविष्य को लेकर पूरा परिवार परेशान है। चार वर्षीय मासूम चलने फिरने के लिए मोहताज हो गया है। इस इलाज के लिए अस्पताल द्वारा 25 हजार रुपए लिए गए है। साथ ही बच्चे को तीन दिन तक भर्ती रखा गया था।

शिकायत बाद जांच टीम बनाई गई

इस गंभीर लापरवाही के बाद स्वास्थ्य विभाग भी एक्शन मोड में आ गया है। पिता की शिकायत बाद विभाग ने जांच टीम का गठन किया है। गुरुवार को पीड़ित के घर पर जांच टीम पहुंची हुई थी। बच्चे के पैर की स्थिति के संबंध में जानकारी ली गई। सीएमएचओ डॉ. अमृत लाल रोहलेडर ने बताया कि आयुष्मान अस्पताल में हुए इलाज के संबंध में जांच टीम बनाई गई है। इसमें कुल चार सदस्य है,जिसमें मेडिकल ऑफिसर डॉ.बीएल राज, बीएमओ डॉ.शरद कोहाडे, डीसी प्रभारी मनोज साहू, सहायक ग्रेड 3 मनोज कुमार शामिल है। शिकायत की गंभीरता पूर्वक जांच करने कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

आने वाले समय में बच्चा ठीक हो जाएगा

इस मामले में आयुष्मान अस्पताल बेमेतरा के संचालक डॉ.अनिल पटेल ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि बच्चे का पैर टूटने के बाद केवल प्लास्टर लगाया गया है। किसी भी प्रकार का कोई ऑपरेशन नहीं किया हुआ है। बच्चे की हड्डी 90 प्रतिशत सीधा है। आने वाले दिनों में वह पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। वहीं, डॉ.अंकुर कुंडू ने कहा कि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होगा दोनों पैर बराबर हो जाएगा।

इस संबंध में कलेक्टर रणवीर शर्मा से बात करने पर कहा कि CHMO से जानकारी लेकर बताता हूं।

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