उत्तराखंड,08 सितम्बर : उत्तराखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश ने भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी घटनाओं से राज्य में तबाही मचा दी है। इसी दौरान हरिद्वार से एक बड़ी भूस्खलन की घटना सामने आई है, जिसने रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।
हरिद्वार में भूस्खलन से रेलवे ट्रैक पर मलबा गिरा
हरिद्वार के काली मंदिर के पास स्थित मनसा देवी पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। इस भूस्खलन से मिट्टी और चट्टानों का तेज बहाव भीमगोड़ा रेलवे सुरंग के पास रेलवे ट्रैक पर जमा हो गया। मलबे की चपेट में आने से ट्रैक पर लगे लोहे के सुरक्षा जाल भी क्षतिग्रस्त हो गए। परिणामस्वरूप, देहरादून-हरिद्वार रेल मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया, और कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। यह घटना स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी परेशानी का कारण बनी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस भूस्खलन में कोई जनहानि नहीं हुई।
मलबा हटाने और मरम्मत कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। ट्रैक पर जमा मलबे को हटाने के बाद, रेलवे सुरंग और ट्रैक की मरम्मत का काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य में कुछ समय लग सकता है, जिसके कारण रेल सेवाओं में कई घंटों तक या फिर एक-दो दिन तक रुकावट आ सकती है। रेलवे विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और रेलवे की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। फिलहाल, देहरादून-हरिद्वार रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है, और कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी हुई हैं।
दहशत का माहौल
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी इस पहाड़ी का एक हिस्सा गिर चुका था, जिससे इलाके में पहले से ही भय का माहौल था। लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही इलाके में अलर्ट जारी कर दिया था, लेकिन यह घटना अचानक हुई, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।



