रायपुर, 07 सितम्बर (वेदांत समाचार)। रायपुर के एक किसान को बैल की मौत के बाद उसके बीमे की राशि मिलने जा रही है। किसान के बैल की 2010 में मौत हो गई थी। उसने दोनों बैलों का बीमा कराया था, लेकिन 1 बैल की मौत के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम राशि नहीं दी। किसान ने इसे उपभोक्ता फोरम में चुनौती दी। अब 15 साल बाद उसे मुआवजा राशि देने का आदेश हुआ है।
दरअसल, आरंग के रहने वाले किसान नथेलू सतनामी ने 2005 में बैंक से लोन लेकर 17 हजार रुपए में दो बैल खरीदे थे। ग्रामीण बैंक के माध्यम से बैंक ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से उनका बीमा भी कराया। बीमा अवधि 26 जून 2005 से 27 जून 2010 तक थी। 12 नवंबर 2009 को एक बैल की मृत्यु हो गई।
नथेलू ने बैंक के माध्यम से बीमा कंपनी में क्लेम किया, लेकिन मंजूर नहीं किया गया। उसने 22 नवंबर 2011 को बीमा कंपनी को पत्र भेजकर फिर से दावा राशि प्रदान करने का निवेदन किया। इसके बावजूद कंपनी ने पशु मृत्यु दावा तय समय पर नहीं मंजूर नहीं किया गया। यहां तक कि 9 नवंबर 2015 को विधिक नोटिस भेजने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। तब वह उपभोक्ता आयोग गया।



