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खबर का असर : आखिरकार नींद से जागे जिला शिक्षा अधिकारी, अपात्र नियुक्ति को किया निरस्त, शा. उच्च. मा. विद्यालय बरपाली(जिल्गा) का मामला

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लखन गोस्वामी/कोरबा, 25 अगस्त (वेदांत समाचार)। मानदेय शिक्षक भर्ती में हुई थी नियम के विरुद्ध नियुक्ति। भर्ती के नियमों का उल्लंघन कर अपात्र अभ्यर्थी को दे दिया गया था पद। खबर प्रकाशन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश से नियुक्ति को किया निरस्त।

मामला कोरबा विकासखंड के शा. उच्च. माध्यमिक विद्यालय बरपाली (जिल्गा) का है। जहाँ मानदेय शिक्षक के लिए एक पद निकाला गया था, जिसमें वहाँ के शाला विकास प्रबंध समिति के अध्यक्ष और विद्यालय की प्राचार्य द्वारा मानदेय शिक्षक की भर्ती नियमों का उल्लंघन करते हुए अपात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति कर दी गई थी। जिस अभ्यर्थी को मानदेय शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी गई थी वह बीएड धारी नहीं थी जबकि वहाँ पर जितने आवेदन आये थे उसमें कई बीएड धारियों ने आवेदन किये थे। शाला विकास प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामजीवन कंवर और विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती अनामिका सिंह ने मिली भगत कर अपने पंचायत के उपसरपंच को लाभ दिलाने के उद्देश्य से उसकी पुत्री का चयन कर दिया था जबकि उक्त चयनित अभ्यर्थी मानदेय शिक्षक के पद के लिए अपात्र थी।

उक्त मामले को आधार स्तंभ द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उस मामले में संज्ञान लेते हुए विद्यालय के प्राचार्य को नियम विरुद्ध नियुक्ति को निरस्त करने का आदेश दिया गया तथा भर्ती नियमों का पालन करते हुए पुनः पात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति करने निर्देशित किया गया।

अब देखना यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश का पालन करते हुए पात्र अभ्यर्थी की नियुक्ति की जाएगी या फिर चयन समिति द्वारा कुछ तिकड़म करते हुए पुनः उसी अपात्र अभ्यर्थी को लाभ पहुँचाया जाएगा।

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