शरीर की मालिश आपकी सेहत को कई तरह से फायदे कर सकती है. आयुर्वेद में भी इसके कई लाभ बताए हैं. आयुर्वेद में इसको अभ्यंग कहते हैं. यह न केवल शरीर को आराम देती है, बल्कि अंदरूनी रूप से सेहत को भी मजबूत बनाती है. जब शरीर पर तेल या लोशन से हल्के हाथों से मसाज की जाती है, तो इससे मांसपेशियों में जमी हुई थकान और खिंचाव दूर होता है. मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है जिससे शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्त्व अच्छी तरह पहुँचते हैं. इससे शरीर ऊर्जावान और चुस्त महसूस करता है.
गुरुग्राम में आयुर्वेद के डॉ. राहुल सिंह सिसोदिया ने बताया कि आयुर्वेद अभ्यंग यानी आयुर्वेदिक तेल मालिश, एक पारंपरिक और प्रभावी तरीका है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलन में लाने में मदद करता है. इसे घर पर करना भी बहुत आसान है, बस थोड़ी जानकारी और सही तरीका अपनाना जरूरी है. सबसे पहले, मालिश के लिए उपयुक्त तेल चुनना जरूरी होता है.
बॉडी टाइप के अनुसार तेल का चुनाव
आयुर्वेद में बताया गया है कि आपकी बॉडी टाइप के अनुसार तेल का चुनाव होना चाहिए. वात दोष वालों के लिए तिल का तेल या अश्वगंधा तेल अच्छा होता है. पित्त दोष में नारियल तेल या चंदन युक्त तेल फायदेमंद होता है, जबकि कफ दोष वालों को सरसों या त्रिफला तेल इस्तेमाल करना चाहिए. तेल को हल्का गर्म करना चाहिए ताकि यह त्वचा में अच्छी तरह से समा सके.
अभ्यंग करने का तरीका
अभ्यंग करने का तरीका बहुत सरल है और इसे आप घर पर भी आसानी से कर सकते हैं. सबसे पहले अपने शरीर के प्रकार (वात, पित्त, कफ) के अनुसार तेल चुनें. तिल का तेल सामान्य रूप से सभी के लिए फायदेमंद माना जाता है. तेल को हल्का गुनगुना कर लें ताकि वह त्वचा में आसानी से समा सके और रिलैक्सिंग अहसास दे.
शरीर के किसी भी हिस्से पर मालिश करते समय उंगलियों को clockwise फिर anti-clockwise घुमाएं. इससे blood circulation बढ़िया होता है. पूरी बॉडी की मालिश हो जाने के बाद कम से कम 20 से 30 मिनट तक तेल को शरीर पर रहने दें ताकि यह अंदर तक असर कर सके. इसके बाद हल्के गर्म पानी से नहाएं. कोशिश करें कि रासायनिक साबुन की जगह बेसन, मुल्तानी मिट्टी या कोई आयुर्वेदिक उबटन इस्तेमाल करें.
अभ्यंग को अगर हफ्ते में कम से कम 2 से 3 बार किया जाए तो यह शरीर को थकान से राहत, त्वचा को निखार और मानसिक शांति देने में बहुत मदद करता है. नियमित रूप से की गई तेल मालिश आपकी दिनचर्या को बेहतर बना सकती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती है।
अभ्यंग करने के फायदे
गर्म तेल से हल्के हाथों से की गई मालिश से स्ट्रेस कम होता है और दिमाग शांत होता है. नींद भी बेहतर होती है. चिंता, बेचैनी और थकान में बहुत मदद करता है. इससे जोड़ों की जकड़न और दर्द में राहत मिलती है. आर्थराइटिस जैसी बीमारियों में भी ये सहायक है. जड़ी-बूटियों वाले तेल से मालिश करने पर त्वचा को अंदर तक पोषण मिलता है. इससे स्किन नर्म, चिकनी और चमकदार बनती है. झुर्रियां और बढ़ती उम्र के निशान भी कम होते हैं.
कुल मिलाकर, जब भी शरीर थका हुआ महसूस हो, नींद ठीक से न आ रही हो, स्किन ड्राई हो, सिर में दर्द हो, जोड़ों में जकड़न हो या मन बेचैन हो. ऐसे हर मौके पर मालिश करना फायदेमंद होता है. यह एक घरेलू और प्राकृतिक तरीका है जो शरीर और मन दोनों आराम देता है.



