रायपुर, 28 जुलाई (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा ने स्कूल शिक्षा विभाग में विगत 12 वर्षों से लंबित प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करवाने और माननीय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ में प्राचार्य पदोन्नति के मामले में लगी याचिकाओं का निराकरण किए जाने के लिए विधिसम्मत ढंग से उचित पहल करने की मांग की है।
प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने राज्य शासन, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग और संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ से मांग की है कि माननीय हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ में “टी संवर्ग” की प्राचार्य पदोन्नति के मामले में कोई कानूनी रोक नहीं लगी है, इसलिए “टी संवर्ग” की प्राचार्य पदोन्नति के लिए तत्काल काउंसलिंग कर 15 अगस्त 2025 के पूर्व प्राचार्य पद पर पदस्थापना आदेश जारी किया जाए।
सिंह ने शासन से मांग की है कि माननीय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ में “ई संवर्ग” की प्राचार्य पदोन्नति में लगी याचिकाओं का कानूनी समाधान हेतु त्वरित पहल कर “ई संवर्ग” की प्राचार्य पदोन्नति का भी मार्ग शीघ्र प्रशस्त करें।
प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने शासन से पुरजोर मांग की है कि स्कूल शिक्षा विभाग में 35/40 वर्षों की सेवा करने के बाद भी प्राचार्य पद पर बिना पदोन्नति पाएं प्रत्येक माह रिटायर्ड हो रहे प्रदेश के वरिष्ठ व्याख्याताओं और वरिष्ठ प्रधान पाठकों की पीड़ा को देखते हुए प्राचार्य पदोन्नति के मार्ग की सभी कानूनी बाधाओं का समाधान कर राज्य शासन, स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय त्वरित कार्रवाई कर 15 अगस्त 2025 के पूर्व प्राचार्य पदोन्नति की काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से पूर्ण कर प्रदेश में “टी एवं ई संवर्ग” में रिक्त प्राचार्य के समस्त पदों पर पदस्थापना आदेश जारी करें।
माननीय हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के सिंगल बेंच में प्राचार्य पदोन्नति के एक मामले में स्टे दिए जाने के कारण “ई संवर्ग” की प्राचार्य पदोन्नति पर अभी भी कानूनी रोक लगी हुई है। आगामी 28 जुलाई 2025 को माननीय हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के सिंगल बेंच में प्राचार्य पदोन्नति के उक्त मामले में सुनवाई होनी है। उक्त मामले में माननीय हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ के द्वारा फैसला दिए जाने के बाद प्राचार्य पदोन्नति के मार्ग में कोई कानूनी बाधा नहीं रहेगी ।



