भोपाल में ट्रेडिंग के नाम पर 2280 करोड़ की ठगी के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपियों के तार दुबई से जुड़े हुए हैं और उन्होंने इंटरनेशनल फंडिंग और फॉरेक्स लेनदेन का सहारा लेकर धोखाधड़ी की है। एमपी एसटीएफ की शुरुआती जांच में पता चला कि लविश चौधरी दुबई से बैठकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर धोखाधड़ी करते थे और लोगों को निवेश का लालच देते थे। वे 6 से 8 प्रतिशत का रिटर्न देने का वादा कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
एसटीएफ ने आरोपियों के खातों से एक अरब रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कर दिया है। इस मामले में ईडी (Enforcement Directorate) भी जांच कर सकती है, क्योंकि इसमें इंटरनेशनल फंडिंग और फॉरेक्स लेनदेन का सहारा लिया गया था।
10 राज्यों के सैकड़ों लोगों को बनाया शिकार
आरोपियों ने 10 राज्यों के सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। फिलहाल, इस पूरे मामले में 17 आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें से मदन मोहन कुमार और दीपक शर्मा की ही गिरफ्तार करने में पुलिस ने कामयाबी हासिल की है।
पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करेगी और उन्हें सजा दिलाएगी।



