रायगढ़,30 मार्च (वेदांत समाचार) : रायगढ़ में रेप पीड़िता युवती ने जमानत पर रिहा हुए आरोपी और उसके साथी पर केस वापस लेने और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया। पीड़िता ने मामले की शिकायत महिला थाना में की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने थाना में बताया कि उसने पूर्व में 3 फरवरी 2026 को महिला थाना में आरोपी बादल सिंह राजपूत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि अक्टूबर 2022 से जनवरी 2026 तक बादल सिंह राजपूत ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया।
शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 69, 115(3), 351(2) एवं 308(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिसके बाद आरोपी को जमानत मिला और वर्तमान में आरोपी जमानत पर जेल से बाहर है। इसके बाद पीड़िता के अनुसार 18 मार्च 2026 को उसे यह कहकर बुलाया गया कि कोर्ट में उसका बयान होना है। जब वह कोर्ट पहुंची, तब कोर्ट परिसर के बाहर अनमोल अग्रवाल, बादल के पिता और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। वहां अनमोल अग्रवाल ने उससे कहा कि बादल की जमानत हो गई है, इसलिए केस वापस ले लो और पैसे ले लो, नहीं तो तुम केस हार जाओगी।
पीड़िता का आरोप है कि उसी दौरान अनमोल अग्रवाल ने उसे धमकी दी कि यदि उसने केस वापस नहीं लिया तो उसे जान से मरवा दिया जाएगा। पीड़िता ने आगे बताया कि 19 मार्च 2026 को दोपहर में वह घर के पास मंदिर दर्शन करने गई थी। वहां मंदिर परिसर में बादल सिंह राजपूत और उसके 2-3 परिचित लोग मौजूद थे।
उसे देखते ही बादल सिंह राजपूत ने कथित रूप से कहा कि वह जमानत पर बाहर आ चुका है, वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और यदि उसने केस वापस नहीं लिया तो उसे जान से मरवा देगा। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसी शाम आरोपी ने मोबाइल पर कॉल भी किया, लेकिन डर की वजह से उसने फोन नहीं उठाया।
पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया है कि बादल सिंह राजपूत और अनमोल अग्रवाल लगातार उसे डरा-धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस रिकार्ड अनुसार आरोपी बादल सिंह राजपूत थाना कोतवाली की गुंडा-बदमाश सूची में शामिल है। ऐसे में महिला थाना दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 351(3), 232(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर की तालाश की जा रही है।
दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। साथ ही आरोपी बादल सिंह राजपूत की जमानत निरस्त कराने के लिए पुलिस द्वारा न्यायालय को प्रतिवेदन भेजा जा रहा है। SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि किसी भी केस के पीड़ित, गवहों को डराने, धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले आरोपियों को वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
इस मामले में पीड़िता को धमकी देने वाले गुण्डा बदमाश बादल सिंह और उसके साथ अनमोल अग्रवाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
