Vedant Samachar

मृत खाताधारक की एफडी से ₹7.10 लाख की ठगी का आरोप, बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल

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कोरबा,02 फरवरी(वेदांत समाचार)। कोरबा जिले में बैंकिंग व्यवस्था की सुरक्षा और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक मृत खाताधारक की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से कथित रूप से ₹7 लाख 10 हजार की राशि धोखाधड़ी कर निकाल लेने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि पहले खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदला गया और फिर रकम दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम रंजना निवासी चंचल जायसवाल ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके ससुर मेवा लाल जायसवाल का यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, चैतमा शाखा में खाता था। मेवा लाल जायसवाल ने 19 अप्रैल 2024 को 309 दिनों के लिए ₹8 लाख की एफडी कराई थी, जिसकी परिपक्वता तिथि 23 मई 2025 तय थी। परिपक्वता पर कुल राशि ₹8,70,061 मिलनी थी। एफडी में नॉमिनी के रूप में उनके पोते अचर्व जायसवाल का नाम दर्ज था। लेकिन एफडी की अवधि पूरी होने से पहले ही 19 फरवरी 2025 को मेवा लाल जायसवाल का निधन हो गया।

परिवार के सदस्य 10 दिसंबर 2025 को मृत्य प्रमाण पत्र लेकर बैंक पहुंचे, ताकि एफडी की राशि की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस दौरान बैंक से मिली जानकारी ने परिवार को चौंका दिया। शिकायत के अनुसार खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर परिवार की जानकारी के बिना बदल दिया गया था और उसके बाद एफडी से लगभग ₹7.10 लाख की राशि निकालकर किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। आरोप है कि इस पूरे लेन-देन की जानकारी न तो नॉमिनी को दी गई और न ही परिवार को।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि चैतमा शाखा के कुछ बैंक कर्मचारी उनके घर पहुंचे थे और एफडी से संबंधित मूल दस्तावेज अपने साथ ले गए। परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया, तो बैंक कर्मचारियों ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल जानकारी दी, जिससे बैंक प्रबंधन की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।

परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी रकम की निकासी बिना बैंक स्तर पर गंभीर लापरवाही या संभावित मिलीभगत के संभव नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इधर, दीपका थाना प्रभारी टीआई प्रेमचन्द पटेल ने बताया कि शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस बैंक से संबंधित सभी रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया और जिस खाते में राशि ट्रांसफर की गई है, उसकी विस्तृत जांच कर रही है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाई जा सके।

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