रायपुर,08 जनवरी (वेदांत समाचार) । महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप (Mahadev App) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर सहित कई आरोपियों की करीब 92 करोड़ रुपए की ताजा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। ED ने बताया कि 74.28 करोड़ रुपए से ज्यादा के बैंक डिपॉजिट परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC और एक्सिम जनरल ट्रेडिंग – GZCO में थे। ये कंपनियां सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपरिया से जुड़ी हैं। इसके अलावा, 17.5 करोड़ रुपए की संपत्तियां दुबई स्थित कथित हवाला ऑपरेटर और Skyexchange.com से जुड़े गगन गुप्ता की भी जब्त की गई हैं। महादेव ऐप को सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने प्रमोट किया था। दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बताए जा रहे हैं।
भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण (Extradition) की कोशिश कर रही है। ED ने बताया कि महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) ऐप और Skyexchange.com के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जाली (रिग्ड) गेम्स के माध्यम से ग्राहक का हारना तय किया जाता था। इस अवैध कमाई को हवाला नेटवर्क, ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग और क्रिप्टो एसेट्स के जरिए विदेश भेजा गया और बाद में FPI (Foreign Portfolio Investment) के नाम पर भारतीय शेयर बाजार में निवेश कराया गया। ED ने एक बड़े कैशबैक रैकेट का भी खुलासा किया है। इसमें FPI कंपनियां भारतीय लिस्टेड कंपनियों में भारी निवेश करती थी और बदले में कंपनियों के प्रमोटरों को निवेश की 30–40% रकम नकद लौटानी पड़ती थी। ED का दावा है कि गगन गुप्ता को सलासर टेक्नो इंजीनियरिंग और टाइगर लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियों से जुड़े सौदों में कम से कम 98 करोड़ रुपए का फायदा मिला।
अब तक ED ने इस मामले में 5 चार्जशीट दाखिल की हैं, 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 2,600 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या अटैच की है। एजेंसी का कहना है कि इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के कई हाई-प्रोफाइल नेता और अफसर भी जांच के घेरे में हैं। ED के अनुसार, महादेव ऐप एक ‘अंब्रेला सिंडिकेट’ की तरह काम करता था, जो अवैध बेटिंग वेबसाइट्स के लिए यूजर जोड़ने से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक की पूरी व्यवस्था करता था।



