Vedant Samachar

धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में पत्रकारों पर जानलेवा हमला, लूटपाट

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सारंगढ़,02 जनवरी (वेदांत समाचार)। धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में किसानों की शिकायत पर न्यूज़ कवरेज करने पहुँचे दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला और लूटपाट का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे जिले में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पत्रकार संगठनों और आम जनता ने इसे केवल पत्रकारों पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सेवा सहकारी समिति लेंधरा (छोटे) के अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं को लेकर किसान लगातार शिकायत कर रहे थे। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित 40,600 क्विंटल की सीमा के विरुद्ध केंद्र में लगभग 41,500 क्विंटल तक धान खरीदी की गई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों ने यह भी बताया कि जहां सामान्य किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं राजनीतिक प्रभाव रखने वाले और दबंग किसानों का धान घर से ही तौलकर लाया जा रहा है। जब किसानों ने इस भेदभाव का विरोध किया तो केंद्र प्रबंधन द्वारा उनके साथ गाली-गलौच और दुर्व्यवहार किया गया।

इन्हीं शिकायतों की सच्चाई सामने लाने के लिए पत्रकार केशव वैष्णव (नेशनल न्यूज़ चैनल IND 24) एवं कमल सिंह यादव (जनसंपर्क भारत अख़बार) धान खरीदी केंद्र पहुँचे थे। पीड़ित पत्रकारों के अनुसार उनकी मौजूदगी में कुछ समय तक सही तौल की गई, लेकिन शाम होते ही ठंड का बहाना बनाकर धान खरीदी रोक दी गई और किसानों को केंद्र से भगा दिया गया। इसके तुरंत बाद मंडी की लाइट और सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए।

आरोप है कि फड़ प्रभारी मोहर लाल साहू, कंप्यूटर ऑपरेटर लखन खूंटे एवं खिलेश्वर साहू ने 20–25 नकाबपोश युवकों को बुलाकर पत्रकारों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावरों ने पत्रकारों के कीमती मोबाइल फोन, पर्स और पहचान पत्र भी लूट लिए और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

पीड़ित पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी खुद को राजनीतिक पार्टी से जुड़ा बताकर पहले भी 20 हजार रुपये की अवैध वसूली का दबाव बना रहे थे। कवरेज के दौरान अनियमितताएं उजागर होने के डर से यह हमला किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पत्रकारों के साथी कोसीर थाना पहुँचे, जहां पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

गौरतलब है कि सारंगढ़ जिले में पत्रकारों पर हमला कोई नई बात नहीं है। कुछ दिन पहले भी एक वरिष्ठ पत्रकार पर दुकान में घुसकर जानलेवा हमला किया गया था, जिससे जिले सहित पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। अब एक बार फिर हुई इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के बाद पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत में भारी रोष है। दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धान खरीदी केंद्रों में हुई अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है। यह हमला केवल पत्रकारों पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए।

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