बिलासपुर,24 दिसंबर (वेदांत समाचार) । बिलासपुर सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र के फर्नीचर फैक्ट्री में हुई आगजनी में 2 लोगों की मौत हो गई है। 23 दिसंबर को घटना के दौरान एक सुपरवाइजर अंदर फंसा था, जो जलते हुए बाहर निकला। गंभीर हालत में तुरंत रायपुर के निजी हॉस्पिटल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
वहीं, एक अन्य मजदूर फैक्ट्री के अंदर ही फंस गया था। देर रात तक उसका पता नहीं चल सका था। अगले दिन जानकारी मिली तो उसे भी अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। बता दें कि मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में मोटर से निकली चिंगारी तारपीन तेल के टैंकर तक पहुंची तो आगजनी की घटना हुई थी। हादसे का ड्रोन शॉट सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, मित्तल फर्नीचर फैक्ट्री में लकड़ी पॉलिश और अन्य कार्यों में उपयोग होने वाले ज्वलनशील तारपीन तेल को संग्रहित करने के लिए एक बड़ा टैंकर बनाया गया था। मंगलवार (23 दिसंबर) दोपहर अचानक टैंकर से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया।
आग की तेज लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। आग की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों की मदद से लगातार पानी और फोम का छिड़काव किया। देखते ही देखते आग फैली तो वहां काम कर रहे करीब दर्जनभर मजदूर जान बचाकर भागे। फैक्ट्री के सुपरवाइजर रितेश शुक्ला के कपड़ों में आग लग गई थी। वह जलते हुए बाहर निकला। प्रबंधन की ओर से उसे रायपुर स्थित कालड़ा नर्सिंग होम भेज दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
फैक्ट्री में आयुष सूर्यवंशी, उसका बड़ा भाई आशीष और पिता घनश्याम सूर्यवंशी भी काम कर रहे थे। आशीष और घनश्याम तो बाहर निकल गए, लेकिन आयुष फंस गया। देर रात तक उसकी तलाश की जाती रही, लेकिन कुछ पता नहीं चला। अगले दिन जानकारी मिलने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। तब तक उसकी जान चली गई थी।



