बालोद ,18 दिसंबर (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आयरन ओर से लदे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पदस्थ जवान है, जो छुट्टी पर अपने गांव आया हुआ था। घटना बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम दानीटोला बस स्टैंड के सामने बुधवार रात करीब 8 बजे हुई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुसुमकसा निवासी नीतीश कुमार (24) और बीएसएफ जवान कामेश्वर तुमरेकी (37) दुर्ग से अपने गांव लौट रहे थे। दोनों एक ही बाइक पर सवार थे। इसी दौरान भानुप्रतापपुर की ओर से रायपुर जा रहा आयरन ओर से भरा ट्रक तेज रफ्तार में आया और बाइक को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सड़क से दूर जा गिरी और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद करते हुए दोनों घायलों को सड़क से उठाया।
लेकिन तब तक नीतीश कुमार की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल जवान कामेश्वर तुमरेकी को राहगीरों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, जवान की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बालोद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने दानीटोला बस स्टैंड के पास करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर लगाने, सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर चक्काजाम समाप्त कराया। कुसुमकसा के समाजसेवी अनिल सुथार ने बताया कि मृतक नीतीश कुमार अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में माता-पिता और एक छोटी बहन है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नीतीश खेती-किसानी का काम संभाल रहा था और परिवार की जिम्मेदारियां उसी पर थीं। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। इस बीच, बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि हादसे में शामिल ट्रक को जब्त कर लिया गया है।
चालक से पूछताछ की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराए जाने के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते, तो शायद इस युवक की जान बचाई जा सकती थी। प्रशासन से अब उम्मीद की जा रही है कि वह इस मार्ग पर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।



