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धान के बाद झींगा बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार, सुकमा में नीली क्रांति की शुरुआत, 5 पंचायतों में शुरू हुआ झींगा पालन

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सुकमा,10 जनवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के सुदूर और नक्सल प्रभावित माने जाने वाले सुकमा जिले में अब समृद्धि की नई कहानी लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल और प्रशासनिक मार्गदर्शन में जिले में पारंपरिक धान खेती से आगे बढ़ते हुए मत्स्य पालन और अब झींगा पालन की शुरुआत कर दी गई है। यह कदम सुकमा को नीली क्रांति की ओर ले जाने वाला माना जा रहा है।

कलेक्टर के निर्देशन में जिले की पांच ग्राम पंचायतें भेलवापाल, झापरा, गोंगला, मुरातोंडा और गादीरास में कुल 17 तालाबों को झींगा पालन के लिए चयनित किया गया है। किसानों और मछुआरों को आधुनिक व वैज्ञानिक तरीके सिखाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, मुरातोंडा में विशेष डेमोंस्ट्रेशन यूनिट भी स्थापित की गई है।

मत्स्य विशेषज्ञ डॉ. संजय सिंह राठौर, मत्स्य विभाग के डी.एल. कश्यप और एनआरएलएम जनपद सुकमा की टीम ने चयनित तालाबों का निरीक्षण कर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया। अब तक जिले में कतला, रोहू, ग्रास कार्प और पेटला मछलियों का पालन होता रहा है, लेकिन झींगा पालन से आय के नए और बड़े अवसर खुलने की उम्मीद है।

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