बिलासपुर,29जुलाई (वेदांत समाचार) : बिलासपुर में तंवर समाज के लोगों के DSP और उसके परिवार के लोगों का बहिष्कार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि DSP के इंटरकास्ट मैरिज करने पर उसके परिवार के लोगों का समाज के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्य प्रताड़ित कर रहा है। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामला कोटा थाना क्षेत्र का है।
मूलत: ग्राम नुनेरा निवासी डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह पुलिस विभाग में DSP के पद पर पदस्थ हैं। वो सकरी आसमा सिटी में रहते हैं। परिवार के सदस्य गृह ग्राम में रहते हैं। जिसमें भाई-बहन शामिल हैं। उन्होंने सरगुजा के नान दमाली की लड़की से शादी की है। DSP मेखलेन्द्र प्रताप सिंह वर्तमान में सरगुजा संभाग में पदस्थ हैं। उन्होंने इंटरकास्ट मैरिज किया है। शादी के बाद सतगढ़ तंवर समाज के अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों ने बैठक बुलाई, जिसके बाद उनके और परिवार का बहिष्कार कर दिया।
सतगढ़ तंवर समाज ने दंड विधान एवं नियमावली बनाई है, जिसके पृष्ठ क्रमांक 5 दंड विधान प्रारुप-1 में सामाजिक अपराध खण्ड (व) उपखण्ड 2 में इंटरकास्ट मैरिज को अपराधिक कृत्य बताया गया है। बैठक में तय किया गया कि डॉ. सिंह ने सामाजिक नियम के विरुद्ध वैवाहिक संबंध स्थापित कर अपने आप को सतगढ़ तंवर समाज से अलग कर लिया है, इसलिए उक्त बैठक में उपस्थित केन्द्रीय कार्यकारिणी एवं शाखा कार्यकारिणी के प्रस्ताव व अनुमोदन के पश्चात वैवाहिक संबंध करने के डॉ. मेखलेन्द्र प्रताप सिंह पिता स्व. चन्द्रभान सिंह (ग्राम मुनेरा) को सतगढ़ तंबर समाज से अलग मानकर किसी भी सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल न किया जाए।
समाज ने अपने दंड विधान में शोक और विवाह संस्कार के लिए अलग नियम बनाया है। जिसका उल्लंघन करने पर उसे अपराध की श्रेणी में रखा गया है। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि सतगढ़ तंवर समाज के कुछ पदाधिकारी व सदस्य भी डॉ. सिंह की वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बैठक में कहा गया कि समाज के समक्ष ऐसे पदाधिकारियों की पुख्ता जानकारी देने पर आगामी वार्षिक सम्मेलन में उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।
समाज के अध्यक्ष मनोहन प्रताप सिंह, विरेन्द्र कुमार सिंह, श्रवण सिंह, महेन्द्र पाल सिंह ने बैठक में कहा कि मेखलेंद्र ने शादी कर समाज के नियम के खिलाफ काम किया है। जिसके कारण परिवार का बहिष्कार होना चाहिए। बैठक के बाद 28 अप्रैल 2025 सामाजिक लेटर पैड मे आदेश जारी कर समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इसका विरोध करने पर उनके भाई-बहन से गाली-गलौज जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले की शिकायत पर पुलिस ने समाज के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।



