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Actress Poonam Pandey: ‘लव कुश रामलीला’ में एक्ट्रेस पूनम पांडे निभाएंगी मंदोदरी का रोल, ​समिति के फैसले पर VHP जताई आपत्ति

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नई दिल्ली: Actress Poonam Pandey दिल्ली के प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में अभिनेत्री पूनम पांडे को रावण की पत्नी मंदोदरी का किरदार देने के फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने शुक्रवार को लव कुश रामलीला समिति द्वारा अभिनेत्री पूनम पांडे (Actress Poonam Pandey) को रावण की पत्नी, मंदोदरी की भूमिका देने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इस निर्णय पर समिति से फिर से विचार करने की अपील की है।

विहिप का कहना है कि एक्ट्रेस पूनम पांडे पहले कई विवादों में रही हैं, ऐसे में उनकी भूमिका से श्रद्धालुओं के बीच असमंजस या असंतोष पनप सकता है।विहिप के प्रांतीय मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने इसे लेकर समिति को लिखा है और कहा कि, ‘रामलीला केवल एक नाटकीय प्रस्तुति नहीं है, बल्कि भारतीय मूल्यों और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है. ऐसे आयोजनों में पात्रों का चयन केवल अभिनय क्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उपयुक्तता और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए।’

आदर्शों को ध्यान में रखकर होना चाहिए कलाकार का चयन
गुप्ता ने कहा कि उनकी यह आपत्ति व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों और उनसे जुड़ी आस्था की पवित्रता को बनाए रखना है। उन्होंने बताया, ‘मंदोदरी’ का चरित्र गुण, मर्यादा, संयम और आदर्श पतिव्रता के गुणों का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, इस भूमिका को निभाने वाले कलाकार का चयन इन आदर्शों को ध्यान में रखकर होना चाहिए।’

विहिप ने समिति को सुझाव देते हुए कहा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और मंदोदरी की भूमिका के लिए किसी ऐसी अभिनेत्री का चयन करें जिनकी पारंपरिक नाट्य पृष्ठभूमि हो या जिनका सार्वजनिक रिकॉर्ड सांस्कृतिक अपेक्षाओं के अनुरूप रहा हो।

समिति ने किया इनकार जवाब
वहीं रामलीला समिति ने विहिप के सुझाव को मानने से इनकार कर दिया है। लव कुश रामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार, ‘अगर समाज एक पुरुष को सुधार का मौका दे सकता है, तो किसी महिला को क्यों नहीं दिया जा सकता है? उन्होंने सवाल उठाया, अगर विवादित अतीत वाले व्यक्ति सांसद बन सकते हैं, फिल्म स्टार महंत या महामंडलेश्वर बन सकते हैं, तो कोई ‘विवादित अतीत’ वाली अभिनेत्री रामायण के किरदार क्यों नहीं निभा सकती?’

उन्होंने कहा, ‘हम महिला शक्ति की बात करते हैं, लेकिन जब कोई महिला आगे बढ़ती है, तो विरोध भी करते हैं। अगर पूनम पांडे यह भूमिका निभाती हैं, तो उन्हें संस्कृति का पालन करना होगा और यह संदेश उनके लाखों फॉलोवर्स तक पहुंचेगा, और वे हमारी संस्कृति को बेहतर समझ और सम्मान कर पाएंगे।

आपको बता दें कि पुरानी दिल्ली में 22 सितंबर से यह रामलीला शुरू हो रही है। दस दिवसीय रामलीला में पूनम पांडे मंदोदरी की भूमिका में नजर आने वाली हैं। उनके साथ आर्य बब्बर रावण का किरदार निभाएंगे। किंशुक वैद्य राम और रीनी आर्या सीता की भूमिका में नजर आएंगे। वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी परशुराम के रूप में मंच पर अपनी कला का जौहर दिखाएंगे।

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