रायपुर, 28 फरवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायुपर के एयरपोर्ट रोड पर एक तेज रफ्तार छोटा हाथी पलट गया। वाहन में लदी मछलियां सड़क पर बिखर गईं। इस हादसे में चालक घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामला माना थाना क्षेत्र का है।
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छत्तीसगढ़ : 12वीं की बोर्ड परीक्षा कल से, नकल रोकने शिक्षा विभाग ने किए ये इंतजाम
रायपुर,28फरवरी 2025 (वेदांत समाचार) : छत्तीसगढ़ बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा 1 मार्च से प्रारंभ हो रही है. 28 मार्च तक चलने वाली परीक्षा में प्रदेश से 2,40,341 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे. वहीं 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से प्रारंभ होगी. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने बोर्ड परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली हैं. परीक्षा सामग्रियां सभी परीक्षा केन्द्रों में पहुंच चुकी हैं. गोपनीय सामग्रियां सुरक्षा के लिहाज से संबंधित क्षेत्र के थानों में रखी गई है. 1 मार्च को कक्षा 12वीं के हिन्दी पेपर से बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत होगी. परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक निर्धारित है.
इस वर्ष कक्षा 12वीं की परीक्षा के लिए 2,40,341 विद्यार्थी पंजीकृत हैं. परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 2397 केन्द्र बनाए गए हैं. परीक्षा को लेकर माशिमं द्वारा केन्द्राध्यक्षों को दिशा-निर्देश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं. परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष जिम्मेदार होंगे और उन पर कार्रवाई की जाएगी. परीक्षा केन्द्रों में विषय से संबंधित शिक्षकों को पर्यवेक्षक नहीं बनाया जाएगा. आकस्मिक निरीक्षण के दौरान विषय से संबंधित शिक्षकों को पर्यवेक्षक ड्यूटी पर लगाया जाता है तो केन्द्राध्यक्ष, सहायक केन्द्राध्यक्ष एवं पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उत्तर पुस्तिका पर परीक्षार्थियों द्वारा त्रुटिपूर्ण रोल नंबर एवं विषय अंकित किया जाता है तो परीक्षार्थी का परीक्षाफल घोषित नहीं किया जाएगा. साथ ही पर्यवेक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि पिछले साल की तुलना में इस साल बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या घटी है. कक्षा 10वीं की परीक्षा 3 मार्च से प्रारंभ होगी. 10वीं में 3,28,450 बच्चे पंजीकृत हुए हैं.
परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. नकल प्रकरण वाली उत्तरपुस्तिकाओं का लिफाफा अलग से बनाया जाएगा. केन्द्राध्यक्षों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि नकल प्रकरण की मुख्य उत्तरपुस्तिका एवं पृथक से वितरित द्वितीय मुख्य उत्तरपुस्तिकाओं का लिफाफा पृथक से तैयार कर जिले से संबंधित संभागीय कार्यालयों में एवं रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों का मंडल मुख्यालय में जमा किया जाना है. साथ ही निर्देशित किया है कि मूल्यांकन केन्द्रों को नकल प्रकरणों (अनुचित साधन) की उत्तरपुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए न भेजी जाएं.
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छत्तीसगढ़ के जशपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक ने बाइक को कुचला, दो की मौत, एक बच्ची गंभीर रूप से घायल
जशपुर, 28 फरवरी I छत्तीसगढ़ के जशपुर में खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई जब शादी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे परिवार को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया. दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं एक बच्ची गंभीर रूप से घायल है. ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया है. घटना हड्डी गोदाम के पास की है.
जानकारी के अनुसार, घटना पत्थलगांव थाना क्षेत्र की है. बच्ची समेत तीन लोग बाइक पर सवार होकर कांसाबेल में शादी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे. इसी दौरान हड्डी गोदाम के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को चपेट में ले लिया. हादसे में महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई है. घायल बच्ची को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
दुर्घटना के बाद से ट्रक चालाक वाहन के साथ मौके से फरार हो गया है. जिसकी पतासाजी में पुलिस जुटी हुई है.
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बिलासपुर में धान खरीदी केंद्र में 2 करोड़ की गड़बड़ी: प्रबंधक और डाटा एंट्री ऑपरेटर पर एफआईआर
बिलासपुर,28फरवरी 2025 (वेदांत समाचार)। बिलासपुर के मल्हार में स्थित धान खरीदी केंद्र में लगभग 2 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां के प्रबंधक संतू कुमार यादव और डाटा एंट्री ऑपरेटर देवेंद्र बंजारे पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर साढ़े 7 हजार क्विंटल धान गायब कर दिया और लगभग 770 बोरियों में भूसी और रेती भर दी।
जांच में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद, कलेक्टर अवनीश शरण ने उप पंजीयक सहकारी समिति बिलासपुर को धान खरीदी प्रभारी संतू कुमार यादव और डाटा एंट्री ऑपरेटर देवेंद्र बंजारे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। संयुक्त जांच टीम ने पाया कि मल्हार केंद्र में 23 हजार 256 बोरी धान होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 5267 बोरी धान ही पाई गईं। इसके अलावा, 18 हजार 759 बोरी धान गायब पाई गईं। खाद्य विभाग ने मल्हार थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
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कोरबा की आकांक्षा और अल्का ने मिस्र में लहराया परचम, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य ने विश्व को मोहित किया…
कोरबा,28 फरवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के कोरबा की दो बेटियों आकांक्षा और अल्का ने मिस्र देश में आयोजित 12वें अंतराष्ट्रीय लोक कला उत्सव में भारत देश का नाम रोशन किया। छत्तीसगढ़ पी डी पंथी परिवार ने इजिप्ट मिस्र देश में हो रहे 12 वें अंतर्राष्ट्रीय कार्यकम महोत्सव में बेहतरीन प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ व कोरबा का नाम रोशन किया है।
महोत्सव में कुल 17 देश शामिल हुए। भारत देश का प्रतिनिधित्व करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की लोक नृत्य पंथी को प्रदर्शित कर राज्य की धरोहर , संस्कृति की रक्षा की , पंथी नृत्य में बाबा गुरु घासीदास के दिए उपदेश/सन्देश मनखे-मनखे एक समान को रेखांकित किया। यह संदेश सम्पूर्ण विश्व को एक होने तथा समानता की भावना का अहसास कराता है।
इस टीम ने छत्तीसगढ़ के अन्य लोक नृत्य ,कर्मा ,सुवा तथा बस्तर की संस्कृति को भी प्रदर्शित किया और अपनी लोक संस्कृति को Egypt मिश्र देश में पहचान दी। छत्तीसगढ़ पी डी पंथी परिवार ने मिश्र देश में विश्व की सबसे बड़ी नील नदी में छत्तीसगढ़ की वेशभूषा में सभी देशों के साथ मिलकर भारत का तिरंगा फहराया।
Egypt गवर्मेंट द्वारा छत्तीसगढ़ पी डी पंथी परिवार को एक नई पहचान दिलाकर उन्हें शील्ड एवं पुरस्कार भेंटकर सम्मानित किया। टीम सदस्य पुनदास, डॉ.हरेंद्र, मनोज कुमार, रामाधार बंजारे, अल्का मिंज, आकांक्षा केशवानी, मुस्कान देशलहरे, आकांक्षा वर्मा थे। टीम के 2 सदस्य आकांक्षा केशरवानी (माता दुर्गा केशरवानी पिता अशोक केशरवानी) और अल्का मिंज(पिता बिष्णु राम भगत,माता बर्जिनिया मिंज) कोरबा क्षेत्र से हैं।
गर्व की बात है कि इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ की संस्कृति को विदेश में दर्शाया गया है। बताया गया कि टीम को लगभग 8 देशों से अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम हेतु निमंत्रण आ चुका था और ये लोग लोकनृत्य में राष्ट्रीय स्तर पर 3 बार गोल्ड मेडल का खिताब भी हासिल किये हैं।
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CG NEWS:SECL ओपन कास्ट खदान में भीषण आग, जहरीली धुएं से इलाका बेहाल
चिरमिरी,28फरवरी 2025 (वेदांत समाचार): चिरमिरी में SECL की ओपन कास्ट खदान में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को धुएं से भर दिया है। आग से निकलने वाली जहरीली गैस ने SECL कर्मियों और स्थानीय निवासियों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। कर्मचारी जहरीले धुएं के बीच काम करने को मजबूर हैं, जबकि लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन हो रही है। खदान में काम करने वाले कर्मचारी जहरीले माहौल में मजबूरीवश ड्यूटी कर रहे हैं।
कई दिनों से धधक रही इस आग के कारण आसमान धुएं से ढक गया है और पूरा इलाका जहरीली गैस की चपेट में आ गया है। कोयले से उठने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य घातक गैसों ने न सिर्फ SECL कर्मियों, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी सांस लेना मुश्किल कर दिया है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चारों ओर धुंध और दुर्गंध का आलम है। स्थानीय लोग प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। SECL प्रबंधक बेपरवाह बने हुए हैं, जबकि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लाखों टन कोयला जल रहा है।
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छत्तीसगढ़: एक लाख साठ हजार करोड़ से अधिक का हो सकता है बजट, शिक्षक भर्ती का ऐलान संभव
रायपुर,28फरवरी 2025 (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ की BJP सरकार अपना दूसरा बजट 3 मार्च को पेश करने जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य का यह 24वां बजट होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी 1 लाख 60 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश कर सकते हैं।
पिछले साल वित्त मंत्री ने 1 लाख 47 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। इस बजट में महतारी वंदन योजना, बड़े शहरों में फ्री वाई-फाई के साथ टूरिज्म को लेकर भी कई ऐलान हो सकते हैं।
अब विस्तार से जानिए अलग-अलग वर्ग और क्षेत्र को क्या मिल सकता है
महिला- महतारी वंदन का दायरा बढ़ेगा
छत्तीसगढ़ सरकार महतारी वंदन योजना चला रही है। महिलाओं को सीधे उनके खाते में हर महीने 1 हजार रुपए दिए जाते हैं। फिलहाल इसका फायदा लगभग 70 लाख महिलाओं को मिल रहा है। नए बजट में इस योजना के लिए आगे और बजट बढ़ाया जा सकता है।सरकार 70 लाख से भी ज्यादा महिलाओं को अब 1 हजार रुपए हर महीने देगी। महिलाओं के लिए योजना में सरकार अपना बजट भी बढ़ा सकती है। 2024-25 के बजट में इस योजना के लिए 3 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है।
युवा- लोन देकर स्टार्टअप में मदद
आने वाले बजट में प्रदेश के बड़े शहरों में को-वर्किंग स्पेस, फ्री वाई-फाई की सुविधा, कॉल सेंटर, अलग-अलग जिलों में सेंट्रल लाइब्रेरी स्टडी सेंटर जैसी सुविधा शुरू करने की घोषणा सरकार कर सकती है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को गांव में उनके स्किल के हिसाब से लघु उद्योगों से जोड़ा जा सकता है। सरकार ऐसे युवाओं को लोन देकर खुद का काम शुरू करने में मदद करेगी।इन्फ्रास्ट्रक्चर- अंदरूनी इलाकों में पुल-पुलिया निर्माण
छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा जैसे इलाकों में सड़क और पुल-पुलिया निर्माण पर सरकार फोकस कर सकती है। इन इलाकों में स्कूल, कॉलेज की नई बिल्डिंग बनाना, सरकारी दफ्तरों की मरम्मत करना, इस तरह के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़े काम का ऐलान हो सकता है। 2025 को सरकार अटल निर्माण वर्ष के तौर पर मना रही है, इस वजह से कंस्ट्रक्शन से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट मिलने की ज्यादा संभावना है।पर्यटन- स्पोर्ट्स और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ावा
नए बजट में सरकार का फोकस पर्यटन क्षेत्र में ज्यादा हो सकता है। प्रदेश के अलग-अलग पर्यटक स्थलों का सौंदर्यीकरण, उनमें रहने खाने की व्यवस्था को और बेहतर करना, स्थानीय लोगों को पर्यटन के रोजगार से जोड़ने पर जोर होगा।देश के दूसरे राज्यों में पर्यटन क्षेत्र में सर्विस देने वाली कंपनियों को छत्तीसगढ़ में काम मिल सकता है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में बांध या बड़ी वाटर बॉडीज है वहां वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने वाले स्टार्टअप शुरू हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ के वाइल्डलाइफ टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था- नई योजना लॉन्च हो सकती है
गांव के लोगों के लिए नई योजनाएं सरकार ला सकती है। इसमें नए कामों से किसानों और महिलाओं को जोड़ा जाएगा। प्रोडक्ट तैयार करने जैसे काम होंगे, बदले में उन प्रोडक्ट को सरकार मार्केट देगी। इसका मुनाफा गांव की महिलाओं-पुरुषों को दिया जाएगा।स्वास्थ्य- छोटे-छोटे क्लिनिक शुरू हो सकते
अभी छत्तीसगढ़ के दूर-दराज के गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं अच्छी तरह से उपलब्ध नहीं है। इस बजट सत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए मशीनरी से लेकर नए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने का ऐलान हो सकता है। ऐसे में विस्तार किए जाने पर स्टाफ की भर्ती से जुड़ी घोषणाएं भी हो सकती हैं। शहरों में छोटे-छोटे क्लिनिक शुरू करने, एम्बुलेंस की सुविधा को बढ़ाने से जुड़ी घोषणा हो सकती है।एजुकेशन- शिक्षक भर्ती का ऐलान संभव
छत्तीसगढ़ में नई एजुकेशन पॉलिसी लागू की गई है। बहुत से स्कूल जर्जर हालत में है, जिन्हें मरम्मत की आवश्यकता है। सरकार ऐसे स्कूलों को नए अंदाज में रिनोवेट करने पर फोकस कर रही है। स्कूलों में लंबे समय से कई शिक्षकों की भर्ती भी लंबित पड़ी है, शिक्षकों की भर्ती का ऐलान भी हो सकता है। शिक्षा विभाग फिलहाल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पास है ऐसे में मुख्यमंत्री से जुड़े विभागों में बेहतर घोषणाओं की उम्मीद है।प्रशासन- कई सरकारी काम ऑनलाइन करने की तैयारी
छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है। माना जा रहा है कि जिन कामों के लिए आम आदमी को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, ऐसे कामों को ऑनलाइन किया जाएगा।कहीं से भी इन दफ्तरों में सर्टिफिकेट बनवाने या लाइसेंस लेने के लिए लोगों को चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, सरकार इसके पीछे घूसखोरी पर लगाम कसने की कोशिश भी कर रही है। इसी मकसद से इन कामों को पूरी तरह से ऑनलाइन करने की कोशिश हो सकती है। इसके अलावा टैक्स वसूली को भी कड़ा करने की तैयारी है।
25 साल में 30 गुना बढ़ा बजट
पिछले 25 सालों में छत्तीसगढ़ का बजट 30 गुना बढ़ा है। 2000 में जब छत्तीसगढ़ का पहला बजट पेश हुआ था वह बजट 5700 करोड़ का था जो अब पिछले साल के रिकॉर्ड के मुताबिक 1 लाख 47 हजार करोड़ पहुंच चुका है। 3 मार्च को पेश होने जा रहा नया बजट भी बढ़ोतरी लेकर आएगा।
नए जुमले भी मिलेंगे
पिछली बार बजट भाषण में वित्त मंत्री का दिया एक जुमला काफी चर्चा में था। वो था GYAN (ज्ञान) इसे गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी से जुड़ा बताया गया था। इस बजट में भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी का भाषण 4-5 शायरी-कविता पंक्तियों और ज्ञान की तरह शाब्दिक जुमलों से सजा हुआ दिखेगा। पिछली बार वित्त मंत्री ने टैब से देखकर बजट पेश किया था, इस बार भी डिजिटल अंदाज में मंत्री बजट पेश कर सकते हैं।
कर्ज में है छत्तीसगढ़
साल 2024-25 के बजट को पेश करते वक्त छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया था कि, प्रदेश सरकार पर 91 हजार 520 करोड़ का कर्ज है। उन्होंने दावा किया था कि 2018 में सरकार पर कर्ज 41 हजार करोड़ था, इसके बाद कांग्रेस की बनी सरकार ने राज्य बनने के 18 साल से ज्यादा लोन कांग्रेस के 5 साल के कार्यकाल में लिया है।
घाटे का होगा बजट
पिछली बार वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 19 हजार 696 करोड़ रुपए घाटे का बजट पेश किया था। घाटा इस बार बढ़ सकता है।
पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री बीएल सोनेकर ने कहा-
“सरकारों का बजट अमूमन घाटे का ही होता है, इसके पीछे की बड़ी वजह सब्सिडी या मुफ्त में रुपए या चीजें बांटना होता है। सरकार जनता को ये चीजें राज्य के हिस्से से या लोन के हिस्से से देती है।”
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कोरबा में शिक्षा विभाग की लापरवाही: सेवानिवृत प्रधान पाठक की सेवा पुस्तिका गुम, अब दर्ज कराएंगे एफआईआर
चंदन सिंह ने बिलासपुर में पेंशन कार्यालय जाकर सेवा पुस्तिका का पता किया, तो बताया गया कि कोरबा कोषालय में उनकी सेवा पुस्तिका को भेज दिया गया है।
कोरबा,28 फरवरी (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। पोड़ी उपरोड़ा खण्ड शिक्षा कार्यालय में बाबुओं की लापरवाही से एक सेवानिवृत प्रधान पाठक की सेवा पुस्तिका गुम हो गई है। यह मामला तत्कालीन पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा की लापरवाही का बताया जा रहा है।
प्रधान पाठक चंदन सिंह राजपूत, जो कि कोनकोना स्कूल से वर्ष 2014 में सेवानिवृत हुए, ने अपनी सेवा पुस्तिका में ओरिजनल कई दस्तावेज जमा कर रखे थे। जब उन्होंने सेवा पुस्तिका की मांग की, तो खण्ड कार्यालय से जानकारी मिली कि सभी कागजात पेंशन कार्यालय बिलासपुर संभाग में भेजे जा चुके हैं।
चंदन सिंह ने बिलासपुर में पेंशन कार्यालय जाकर सेवा पुस्तिका का पता किया, तो बताया गया कि कोरबा कोषालय में उनकी सेवा पुस्तिका को भेज दिया गया है। इसके बाद उन्होंने कोरबा कोषालय में जानकारी ली, तो बताया गया कि पोड़ी उपरोड़ा में बीइओ के नाम से सेवा पुस्तिका मांगने के लिए आवेदन करें।

इस पूरे मामले में चंदन सिंह को कचरे के साथ उनकी सेवा पुस्तिका जला देने की जानकारी मिलते ही काफी आहत नजर आये, क्योंकि उनके बहुत ही जरूरी ओरिजनल दस्तावेज उसमें थे। अब वे संबंधित बाबू, अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का मन बना लिए हैं।
इस मामले में शिक्षा विभाग की लापरवाही और बाबुओं की गैर-जिम्मेदाराना हरकत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला एक बार फिर से शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ऐतिहासिक पहल : छत्तीसगढ़ की जनता बनी महाकुंभ 2025 की साक्षी
- मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयास को 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने महाकुम्भ नगरी में स्थित छत्तीसगढ़ पैवेलियन में रूककर बनाया सार्थक
मनोज कुमार सिंह, सहायक संचालक ( महाकुम्भ से लौटकर)
रायपुर, 27 फरवरी 2025 । “आप सभी को एक बात कहना चाहूंगा कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुम्भ 2025 का आयोजन हो रहा है। मैं चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु वहां जाएं। आप को वहां जाकर रूकने और खाने की चिंता नहीं करनी है। आपके लिए हमारी सरकार ने प्रयागराज के सेक्टर 6 में साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन बनाया है। वहां पर आपके रूकने और खाने की निःशुल्क व्यवस्था की है।“
यह कथन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाकुम्भ 2025 शुरू होने के पहले अपने सार्वजनिक संबोधनों में कई जगह कही थी। मुख्यमंत्री श्री साय राज्य की जनता की आवश्यकताओं और इच्छाओं को समझते हैं, इसीलिए मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से बात की और प्रयागराज स्थित कुंभ मेला क्षेत्र में साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन का निर्माण कराया और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने खर्च पर 45 दिनों तक राज्य के श्रद्धालुओं के ठहरने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की।


इन 45 दिनों में छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने चिंतामुक्त होकर महाकुम्भ 2025 के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। 45 दिनों तक चलने वाला आस्था और परंपरा का विश्व का सबसे बड़ा त्यौहार अब समाप्त हो चुका है, लेकिन जाते हुए भी ये छत्तीसगढ़ की जनता को अविस्मरणीय यादें दे गया है जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी शामिल हैं।
ऐसा नहीं है कि प्रयागराज के मेला क्षेत्र के सेक्टर 6 में स्थित छत्तीसगढ़ पैवेलियन सिर्फ छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए ही था, बल्कि ये देश विदेश के सैलानियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र था। छत्तीसगढ़ पैवेलियन में लगी प्रदर्शनी को देखने के लिए देश विदेश के पर्यटक और श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहता था। एक तरफ जहां अन्य राज्यों के पैवेलियन रात 8 बजे के बाद बंद हो जाया करते थे, छत्तीसगढ़ पैवेलियन का सांस्कृतिक कार्यक्रम रात 10 बजे तक लोगों का मनोरंजन करता रहता था। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों ने प्रयागराज में महाकुम्भ की धरती पर ऐसा समां बांधा था कि भाषा और संस्कृति के आवरण से दूर देश के हर राज्य के लोग इसे देखने और सुनने को आतुर दिखते थे।


छत्तीसगढ़ पैवेलियन का प्रवेश द्वार बस्तर की पहचान गौर मुकुट से सुशोभित था। ये दूर से ही लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेता था। भीतर प्रवेश करते ही छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा छत्तीसगढ़ की ममतामयी पहचान को परिलक्षित करती थी। इसके साथ ही राज्य की चार ईष्ट देवियों ( मां महामाया, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी और मां चंद्रहासिनी) की तस्वीरों के आगे लोगों के सिर श्रद्धा से झुक जाते थे। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की योजनाओं को जानने के लिए लोग आतुर दिखते थे। प्रदर्शनी में सिरपुर, कुतुबमीनार से ऊंचे जैतखाम, भारत का नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वाटरफाल, आधुनिक शहर नया रायपुर के बारे मे जानकर लोग स्तब्ध रह जाते थे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी में टेक्नालाजी का भी इस्तेमाल किया गया था। 360 डिग्री का वीडियो दिखाने वाले इमर्सिव डोम में भीतर जाने के लिए पूरे देश के लोग लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते थे और ऐसा ही कुछ हाल वर्चुअल रियेलिटी के जरिए छत्तीसगढ़ को जानने के लिए भी था। इतना ही नहीं प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति, कला, आभूषण, रहन-सहन, खान-पान, नृत्य, पशु एवं पक्षियों को भी दर्शाया गया था जो लंबे समय तक प्रादेशिक और राष्ट्रीय मीडिया के लिए आकर्षण का विषय बने हुए थे।अब महाकुम्भ का समापन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे एकता का महाकुम्भ कहकर संबोधित किया है। छत्तीसगढ़ पैवेलियन अपने आप में इसका एक बड़ा उदाहरण है जहां बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति के लिए निःशुल्क भोजन उपलब्ध था। बिना किसी ऊंच नीच के हर वर्ग, हर जाति और हर धर्म और हर संप्रदाय यहां तक की विदेशी भी आते थे और छत्तीसगढ़ को पास से जानकर आश्चर्य और रोमांच से भर जाते थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को दी महाकुंभ के सफल आयोजन की बधाई
महाकुम्भ के समापन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को महाकुम्भ के सफल आयोजन और छत्तीसगढ़ को साढ़े चार एकड़ जगह उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल और समर्पित प्रयासों के चलते छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ 2025 का हिस्सा बने। इन श्रद्धालुओं की भागीदारी ने राज्य की तीन करोड़ जनता को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इस महान आध्यात्मिक आयोजन से जोड़ा।
छत्तीसगढ़ के संत, विद्वान और श्रद्धालु महाकुंभ के पवित्र संगम में स्नान और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का भव्य प्रदर्शन हुआ। इसके माध्यम से राज्य ने अखिल भारतीय आध्यात्मिक चेतना में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने छत्तीसगढ़ को महाकुंभ के वैश्विक मंच पर एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया, जिससे राज्य की तीन करोड़ जनता को सांस्कृतिक और धार्मिक गौरव की अनुभूति हुई। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र यात्रा बना, बल्कि राज्य की आध्यात्मिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मनरेगा की है महत्वपूर्ण भूमिका— मुख्यमंत्री श्री साय
- मुख्यमंत्री श्री साय ने मनरेगा कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश
- मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर दिया गया जोर
रायपुर, 27 फरवरी 2025। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद की बैठक विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मनरेगा कार्यों को सर्वोच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि अधिकतम ग्रामीण परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से गांवों में धरसा पहुंच मार्ग निर्माण और अमृत सरोवर परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिले और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों को आत्मनिर्भर बनाना है। मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह योजना गरीबों के सशक्तिकरण में एक मजबूत आधार बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मनरेगा को अन्य योजनाओं से जोड़कर ग्रामीण विकास की गति तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में मनरेगा के प्रभावशाली क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 की प्रगति, लेबर बजट 2025-26, योजना के प्रमुख इंडिकेटर्स और अभिसरण (कॉन्वर्जेंस) मॉडल पर गहन समीक्षा की गई। वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।
मनरेगा आयुक्त श्री रजत बंसल ने जानकारी दी कि प्रदेश में कुल 38.52 लाख पंजीकृत परिवारों में से 24.89 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है।अमृत सरोवर योजना के तहत 2,902 जलाशयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1,095 स्वीकृत हो चुके हैं, 299 पूर्ण हो चुके हैं, और 472 पर कार्य प्रगति पर है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, पी. दयानंद, राहुल भगत, मनरेगा आयुक्त रजत बंसल एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के सदस्यगण उपस्थित थे।
